IIT कानपुर में SC-ST प्रोफेसर नहीं होने की RTI रिपोर्ट पर विवाद संस्थान ने मांगे नए आंकड़े
IIT कानपुर में SC-ST फैकल्टी के आंकड़ों को लेकर उठे सवाल
कानपुर : देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में शामिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर में SC और ST वर्ग के प्रोफेसरों की संख्या को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक RTI रिपोर्ट में दावा किया गया कि संस्थान में प्रोफेसर स्तर पर SC और ST वर्ग का एक भी शिक्षक नहीं है। रिपोर्ट सामने आने के बाद IIT कानपुर ने इसे अधूरी और गलत तरीके से पेश की गई जानकारी बताया है और अब नए आंकड़े जुटाकर स्थिति स्पष्ट करने की तैयारी कर रहा है।
RTI के जवाब के अनुसार, IIT कानपुर में कुल 257 प्रोफेसर पदों में 254 प्रोफेसर सामान्य वर्ग से और तीन OBC वर्ग से बताए गए हैं, जबकि SC और ST वर्ग का कोई प्रोफेसर दर्ज नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक संस्थान में कुल स्वीकृत 957 फैकल्टी पदों में से 581 पदों पर ही नियुक्तियां हैं और 376 पद खाली हैं।
आंकड़ों के अनुसार, सभी शिक्षण पदों को मिलाकर IIT कानपुर में SC वर्ग के 25, ST वर्ग के 5 और OBC वर्ग के 46 फैकल्टी सदस्य हैं। वहीं एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर पर आरक्षित वर्गों की भागीदारी प्रोफेसर स्तर की तुलना में अधिक बताई गई है।
RTI रिपोर्ट सामने आने के बाद IIT कानपुर के निदेशक मणिंद्र अग्रवाल ने कहा कि जारी जानकारी पूरी तरह सटीक नहीं है और इसे सही संदर्भ में नहीं देखा गया है। संस्थान का कहना है कि कई प्रोफेसर आरक्षित वर्ग से हैं, लेकिन रिकॉर्ड में उन्हें अलग तरीके से दर्ज किया गया हो सकता है। IIT कानपुर जल्द ही विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करने की तैयारी में है।
इस मामले ने देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व को लेकर एक बार फिर बहस शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि फैकल्टी भर्ती में पारदर्शिता और सामाजिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि सभी वर्गों की भागीदारी बढ़ सके। फिलहाल IIT कानपुर नए आंकड़े जुटा रहा है और विवाद के बीच संस्थान की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है।