आगरा। रकाबगंज थाना क्षेत्र में दूध जल्दी देने की बात को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि हलवाई ने ग्राहक मुकुल और उसके दो दोस्तों पीयूष तथा सोनू पर कड़ाही का खौलता हुआ तेल डाल दिया। गर्म तेल की चपेट में आने से तीनों युवक गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
घटना बुधवार रात करीब 10 बजे रकाबगंज थाने के पास स्थित मोहिनी डेरी की बताई जा रही है। छीपीटोला निवासी मुकुल दूध लेने के लिए दुकान पर पहुंचा था। उसकी गर्भवती पत्नी को अस्पताल ले जाना था इसलिए उसने दुकान पर मौजूद हलवाई से दूध जल्दी देने का अनुरोध किया। इसी बात को लेकर मुकुल और हलवाई के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
बताया जा रहा है कि शुरुआत में दोनों के बीच केवल बहस हो रही थी लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया। मुकुल के दोस्त सोनू और पीयूष भी वहां मौजूद थे। दोनों ने स्थिति बिगड़ती देखकर बीच-बचाव करने का प्रयास किया। आरोप है कि इसी दौरान गुस्साए हलवाई ने दुकान पर रखी कड़ाही का खौलता तेल तीनों के ऊपर डाल दिया।
अचानक गर्म तेल पड़ने से मुकुल, सोनू और पीयूष बुरी तरह झुलस गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घटना के कारण दुकान और उसके आसपास अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने घायल युवकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। तीनों को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया।
घायलों के शरीर का कितना हिस्सा झुलसा है और उनकी वर्तमान स्थिति कैसी है इस संबंध में विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी तत्काल सामने नहीं आई है। गर्म तेल से जलने के मामलों में त्वचा और अंदरूनी ऊतकों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है इसलिए तीनों को चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। उनके परिजन भी सूचना मिलने के बाद अस्पताल पहुंच गए।
मुकुल के परिजनों के अनुसार उसे अपनी गर्भवती पत्नी को अस्पताल लेकर जाना था। इसी कारण वह जल्द से जल्द दूध लेकर घर लौटना चाहता था। उसने हलवाई से केवल दूध पहले देने का अनुरोध किया था। परिवार का आरोप है कि मामूली बात पर शुरू हुए विवाद में हलवाई ने जानलेवा हमला कर दिया। हालांकि घटना के पूरे क्रम को लेकर आरोपी पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद रकाबगंज थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों और मौके पर मौजूद लोगों के बयान लिए जा सकते हैं। दुकान तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी घटना की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद की शुरुआत किस बात पर हुई और किस परिस्थिति में गर्म तेल फेंका गया।
पुलिस आरोपी हलवाई की पहचान और घटना में उसकी भूमिका से संबंधित जानकारी जुटा रही है। पीड़ित पक्ष की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर रूप से गर्म तेल डालने की घटना में चोट की प्रकृति और चिकित्सकीय रिपोर्ट का कानूनी प्रक्रिया में विशेष महत्व होगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी मामले की जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं। घटना रात करीब 10 बजे हुई जब आसपास की कई दुकानें खुली थीं और लोगों की आवाजाही बनी हुई थी। ऐसे में पुलिस को घटनाक्रम के संबंध में स्वतंत्र गवाह मिलने की संभावना है। यह भी देखा जाएगा कि विवाद के दौरान किसी अन्य व्यक्ति ने मारपीट की थी या नहीं।
दुकान पर मौजूद कड़ाही और अन्य संबंधित वस्तुओं को भी साक्ष्य के रूप में देखा जा सकता है। पुलिस यह जांच सकती है कि गर्म तेल जानबूझकर तीनों युवकों पर डाला गया या हाथापाई के दौरान कड़ाही पलट गई। पीड़ित पक्ष ने सीधे हलवाई पर तेल डालने का आरोप लगाया है लेकिन मामले का अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही निकाला जाएगा।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि मामूली विवाद में किसी पर गर्म तेल डालना बेहद गंभीर और खतरनाक कृत्य है। यदि समय पर घायलों को अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता तो उनकी स्थिति और बिगड़ सकती थी। लोगों ने मामले में निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना ने बाजारों और खाद्य दुकानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हलवाई और भोजन की दुकानों पर बड़ी कड़ाहियों में अत्यधिक गर्म तेल रखा होता है। विवाद या लापरवाही की स्थिति में यह तेल वहां काम करने वाले लोगों और ग्राहकों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए गर्म कड़ाही को ग्राहकों की पहुंच से दूर और सुरक्षित स्थान पर रखना आवश्यक है।
दुकान संचालकों को कर्मचारियों के व्यवहार और सुरक्षा संबंधी नियमों की जिम्मेदारी भी तय करनी चाहिए। ग्राहक से किसी बात को लेकर विवाद होने पर बातचीत से समाधान निकालना चाहिए। तनाव बढ़ने की स्थिति में पुलिस अथवा बाजार समिति से सहायता ली जा सकती है। हिंसा किसी भी विवाद का समाधान नहीं हो सकती।
मुकुल के परिवार के लिए यह घटना और अधिक परेशान करने वाली है क्योंकि उसे अपनी गर्भवती पत्नी को अस्पताल ले जाना था। परिवार को अब एक साथ कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर पत्नी को चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता थी तो दूसरी ओर मुकुल स्वयं गंभीर रूप से झुलसकर अस्पताल में भर्ती है।
एसएन मेडिकल कॉलेज में तीनों घायलों का उपचार जारी है। पुलिस उनकी स्थिति में सुधार होने के बाद विस्तृत बयान दर्ज कर सकती है। बयान, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले की आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल पीड़ित पक्ष ने हलवाई पर जानबूझकर खौलता तेल डालने का आरोप लगाया है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।