लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठन को और मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। चुनावी तैयारी को धार देने के लिए पार्टी स्तर पर बैठकों का दौर जारी है। इसी क्रम में प्रदेश संगठन में विस्तार, नई नियुक्तियों और क्षेत्रीय समीकरणों को लेकर अंतिम चरण का मंथन किया जा रहा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने बुधवार को नई दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उत्तर प्रदेश में संगठन की आगामी रणनीति, पदाधिकारियों की नियुक्ति और चुनावी तैयारियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने के लिए नई टीम तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया। पार्टी ने इस दौरान जातीय समीकरणों और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संभावित पदाधिकारियों के नामों पर चर्चा की।

भाजपा की रणनीति है कि संगठन में ऐसे चेहरों को जिम्मेदारी दी जाए, जो स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हों और चुनावी प्रबंधन में पार्टी के लिए प्रभावी भूमिका निभा सकें। इसके लिए क्षेत्रवार नेताओं की सक्रियता, संगठन में योगदान और जनाधार जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।

बैठक में निगम, आयोग और विभिन्न बोर्डों में नियुक्त किए जाने वाले पदाधिकारियों के नामों पर भी मंथन किया गया। पार्टी इन पदों पर ऐसे कार्यकर्ताओं और नेताओं को मौका देने की तैयारी में है, जो लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे हैं और जिनकी छवि जनता के बीच सकारात्मक है।

भाजपा सूत्रों के मुताबिक, अगस्त के अंत तक इन नियुक्तियों की घोषणा किए जाने की संभावना है। पार्टी संगठन में बदलाव के जरिए चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और अलग-अलग सामाजिक वर्गों तक अपनी पहुंच मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है।

इससे पहले भाजपा ने 25 जून को प्रदेश पदाधिकारियों और क्षेत्रीय अध्यक्षों की घोषणा की थी। इसके बाद अब संगठन के अन्य स्तरों पर जिम्मेदारियां बांटने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दे रही है। इसके लिए लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं और चुनावी रणनीति तैयार की जा रही है।

इससे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन चार और पांच जून को दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश संगठन के नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पार्टी की कार्यसंस्कृति, संगठन विस्तार और चुनावी तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की थी।

भाजपा नेतृत्व का मानना है कि चुनावी सफलता के लिए मजबूत संगठन सबसे अहम भूमिका निभाता है। इसी वजह से पार्टी चुनाव से काफी पहले संगठनात्मक तैयारियों को पूरा करने में जुट गई है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में जातीय समीकरण हमेशा चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। भाजपा भी संगठन में संतुलन बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश कर रही है। इससे पार्टी को चुनाव के दौरान व्यापक जनसमर्थन जुटाने में मदद मिल सकती है।

छह क्षेत्रों के लिए तैयार होने वाली नई टीम में युवाओं, अनुभवी नेताओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी चाहती है कि संगठन में ऐसे लोग शामिल हों जो चुनावी अभियान को जमीन पर प्रभावी तरीके से संचालित कर सकें।

आने वाले दिनों में भाजपा की ओर से संगठन विस्तार से जुड़ी घोषणाएं की जा सकती हैं। इन नियुक्तियों के बाद पार्टी की चुनावी तैयारियों को और गति मिलने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा का पूरा फोकस संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और सामाजिक समीकरणों को साधने पर है। नई टीम के गठन के बाद पार्टी चुनावी मैदान में और आक्रामक रणनीति के साथ उतरने की तैयारी कर रही है।

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