बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में पुलिस ने कथित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। बिसौली थाना क्षेत्र के रानेट चौराहे पर स्थित **जय भोले गेस्ट हाउस** में छापेमारी के दौरान दो महिलाओं समेत कुल 12 लोगों को पकड़ा गया। गिरफ्तार पुरुष आरोपियों में गेस्ट हाउस का मालिक और संचालक भी शामिल हैं। पुलिस ने अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सूचना मिलते ही गेस्ट हाउस पहुंची टीम
रिपोर्ट के मुताबिक रानेट चौराहे पर स्थित गेस्ट हाउस में पिछले करीब दो महीने से संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की चर्चा थी। रविवार शाम आसपास के लोगों और दुकानदारों ने गेस्ट हाउस में कुछ लोगों की मौजूदगी की जानकारी अधिकारियों को दी।
इसके बाद सीओ बिसौली अंशुमान श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई में नायब तहसीलदार, बिसौली कोतवाली पुलिस और महिला पुलिसकर्मी भी शामिल रहे। पुलिस ने गेस्ट हाउस की तलाशी ली तो वहां दो महिलाओं समेत कई लोग मिले।
10 पुरुष आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार कार्रवाई में गेस्ट हाउस मालिक सुधांशु वार्ष्णेय, संचालक सौरभ उर्फ छोटू और विक्की समेत कुल 10 पुरुष आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अन्य आरोपियों की पहचान भगवानदास, होशियार सिंह, अमन गुप्ता, संजीव गुप्ता, अर्जुन, अंकित और शानू के रूप में बताई गई है।
इसके अलावा दो महिलाओं को भी गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती रिपोर्ट में दोनों महिलाओं के मुरादाबाद की रहने वाली होने की बात कही गई है।
टेंपो और दो स्कूटर भी कब्जे में
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक टेंपो और दो स्कूटर भी अपने कब्जे में लिए हैं। बताया गया है कि महिलाओं को कथित तौर पर टेंपो से गेस्ट हाउस लाया गया था। पुलिस अब वाहनों और गिरफ्तार लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गेस्ट हाउस में कथित गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और इसमें अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
पुलिस चौकी से करीब 100 कदम दूर गेस्ट हाउस
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा गेस्ट हाउस की लोकेशन को लेकर हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक जिस स्थान पर पुलिस ने छापेमारी की, वहां से अस्थायी पुलिस चौकी की दूरी करीब 100 कदम बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि गेस्ट हाउस में संदिग्ध गतिविधियों को लेकर पहले भी सूचना दी गई थी। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब यह सवाल उठ रहा है कि अगर गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम में केस
पुलिस ने मामले में बिसौली थाने में मुकदमा संख्या 360/2026 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4, 5, 6 और 7 के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
एसपी ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया के मुताबिक कथित सेक्स रैकेट की जानकारी मिलने के बाद सीओ बिसौली के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की तलाश
पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि गेस्ट हाउस में यह कथित नेटवर्क किस तरह संचालित हो रहा था। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के जरिए अन्य संभावित लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के सामने यह भी पता लगाने की चुनौती है कि गेस्ट हाउस में आने वाले लोगों से संपर्क कैसे किया जाता था और क्या इस कथित नेटवर्क का दायरा आसपास के दूसरे इलाकों तक भी फैला हुआ था। मामले की पूरी तस्वीर जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद स्पष्ट होगी।