कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में सोमवार दोपहर दर्दनाक सड़क हादसे में एक दारोगा की मौत हो गई। डोल मेला ड्यूटी पूरी कर पडरौना से थाने लौट रहे दारोगा भवानी प्रसाद पांडेय की बाइक रवींद्रनगर धूस के सरस्वती चौक के समीप बाईपास मार्ग पर अनियंत्रित होकर पलट गई। बताया जा रहा है कि सड़क पर पड़ी गिट्टी के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान पीछे से आ रहे कंटेनर ने उन्हें कुचल दिया। गंभीर चोट लगने के कारण दारोगा की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने हादसा देखा तो तत्काल शोर मचाया और कंटेनर चालक को रोकने की कोशिश की। कुछ लोगों ने कंटेनर का पीछा भी किया, लेकिन चालक वाहन लेकर वहां से निकलने में सफल रहा। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया।
मृतक दारोगा की पहचान 58 वर्षीय भवानी प्रसाद पांडेय के रूप में हुई है। वह सेवरही थाने में तैनात थे। भवानी प्रसाद मूल रूप से बस्ती जिले के सोनहा थाना क्षेत्र के नथवापुर गांव के रहने वाले बताए गए हैं। सोमवार को उनकी ड्यूटी डोल मेले में लगाई गई थी। ड्यूटी पूरी करने के बाद वह बाइक से वापस सेवरही थाने की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रवींद्रनगर धूस इलाके में सरस्वती चौक के पास यह हादसा हो गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बाईपास मार्ग पर गिट्टी पड़ी हुई थी। बाइक गिट्टी के संपर्क में आते ही अनियंत्रित हो गई और दारोगा सड़क पर गिर गए। हादसा इतनी तेजी से हुआ कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। उसी समय पीछे से आ रहा कंटेनर उनके ऊपर से गुजर गया। कंटेनर की चपेट में आने से उन्हें गंभीर चोटें आईं और घटनास्थल पर ही उनकी सांसें थम गईं।
बताया गया है कि दुर्घटना के समय दारोगा भवानी प्रसाद पांडेय ने हेलमेट पहन रखा था। इसके बावजूद कंटेनर की चपेट में आने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों को हादसे की जानकारी दी। इसके साथ ही दारोगा के स्वजन को भी घटना के बारे में सूचित किया गया। अचानक मिली मौत की खबर से परिवार में मातम पसर गया। पुलिस विभाग में भी उनके निधन की सूचना से शोक का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक केशव कुमार भी सक्रिय हुए। वह अधीनस्थ अधिकारियों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कराई।
अब हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल कंटेनर और उसके चालक का है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद चालक वाहन लेकर मौके से भाग गया। स्थानीय लोगों ने उसे रोकने और पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। पुलिस फरार कंटेनर और उसके चालक के संबंध में जानकारी जुटा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से भी वाहन की पहचान में मदद मिलने की संभावना है।
हादसे में सड़क पर पड़ी गिट्टी की भूमिका भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इसी गिट्टी के कारण दारोगा की बाइक फिसली और अनियंत्रित होकर पलट गई। इसके बाद पीछे से आए भारी वाहन की चपेट में आने से हादसा जानलेवा बन गया। व्यस्त मार्गों पर इस तरह निर्माण सामग्री या गिट्टी का पड़ा होना दोपहिया वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
दारोगा भवानी प्रसाद पांडेय की उम्र 58 वर्ष थी और वह सेवरही थाने में अपनी सेवाएं दे रहे थे। सोमवार को भी वह अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद थाने लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में हुई दुर्घटना ने उनकी जान ले ली। साथी पुलिसकर्मियों को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।
हादसे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आगे की प्रक्रिया पूरी की गई। वहीं, फरार कंटेनर चालक की तलाश की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का भी प्रयास कर रही है कि हादसे में शामिल कंटेनर किस दिशा में गया और उसका पंजीकरण नंबर क्या है।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर सड़कों पर बिखरी निर्माण सामग्री से होने वाले खतरों की ओर ध्यान खींचा है। खासकर दोपहिया वाहनों के लिए गिट्टी और बालू जैसी सामग्री बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। थोड़ी सी असावधानी या अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ने पर गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
फिलहाल दारोगा भवानी प्रसाद पांडेय की मौत से उनके परिवार और पुलिस महकमे में शोक है। डोल मेला ड्यूटी पूरी कर सुरक्षित थाने लौटने निकले दारोगा की यात्रा रास्ते में ही समाप्त हो गई। बाइक पलटने और फिर कंटेनर की चपेट में आने से हुई उनकी मौत ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया।