Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध सोमवार को कई जिलों में देखने को मिला। पार्टी कार्यकर्ताओं ने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किए। आगरा में प्रदर्शनकारी CEC के पैतृक घर तक पहुंच गए, जबकि लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज और सहारनपुर समेत कई जगह पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई।
आगरा में CEC के घर के बाहर प्रदर्शन
आगरा के विजय नगर स्थित ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्य गेट और दीवार पर स्प्रे से नारे लिखे गए और कालिख पोती गई। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। रिपोर्टों के अनुसार, मामले में कांग्रेस के दो नेताओं को गिरफ्तार किया गया। ज्ञानेश कुमार के पिता डॉ. सुबोध कुमार ने घटना पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि अगर किसी को उनके बेटे के काम से शिकायत है तो विरोध उन्हीं के खिलाफ किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने घर को प्रदर्शन का स्थान बनाए जाने पर सवाल उठाया।
लखनऊ में बैरिकेडिंग पर चढ़े कार्यकर्ता
राजधानी लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ता चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और कई सड़क पर बैठ गए। बाद में पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन पहुंचाया।
वाराणसी से गोरखपुर तक विरोध
वाराणसी में कांग्रेस ने आंबेडकर पार्क से जिला मुख्यालय तक मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान CEC के पोस्टर पर जूते-चप्पल मारे गए। महिला कार्यकर्ता चूड़ियां लेकर भी प्रदर्शन में पहुंचीं। वहीं गोरखपुर में कार्यकर्ता CEC का पुतला लेकर आगे बढ़ रहे थे, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में लेने की कोशिश की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रयागराज में भी पुतला जलाने को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान हुई। सहारनपुर में कलेक्ट्रेट का गेट बंद मिलने के बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने अंदर जाने की कोशिश की, जिसके चलते पुलिस से टकराव हुआ। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया।
हापुड़, मेरठ और दूसरे जिलों में भी प्रदर्शन
हापुड़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद नोकझोंक हुई और करीब 50 से 60 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। मेरठ में बारिश के बावजूद प्रदर्शन हुआ। यहां एक महिला कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के गेट पर चढ़ गई। गाजियाबाद में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। मुरादाबाद, मथुरा, रायबरेली, अलीगढ़, मैनपुरी और कानपुर देहात में भी अलग-अलग तरीके से प्रदर्शन किया गया। कई जगह कांग्रेस नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।
SIR को लेकर कांग्रेस और आयोग के दावे
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर पारदर्शिता जरूरी है और नाम हटाए जाने से जुड़े सवालों का जवाब मिलना चाहिए। दूसरी ओर, चुनाव आयोग के मुताबिक SIR में जिन पात्र मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, वे संबंधित ERO के पास आवेदन करके नाम जुड़वा सकते हैं। विवाद के बीच सामने आई एक रिपोर्ट में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े मामलों पर 14 लिखित आपत्तियों का उल्लेख किया गया था। चुनाव आयोग ने कहा था कि ऐसी आपत्तियां प्रक्रिया का हिस्सा हैं और SIR से जुड़े अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
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