वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) अस्पताल परिसर समेत कई प्रमुख स्थानों पर पानी भर गया, जिससे मरीजों, तीमारदारों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की मौत की खबर सामने आई है।
बारिश का असर इतना व्यापक रहा कि शहर की कई सड़कें तालाब में बदल गईं। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। प्रशासन ने हालात पर नजर बनाए रखने और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
बीएचयू अस्पताल परिसर में भरा पानी
वाराणसी में हुई भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर बीएचयू क्षेत्र में देखने को मिला। बीएचयू अस्पताल और आसपास के इलाकों में जलभराव हो गया। अस्पताल आने वाले मरीज और उनके परिजन पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हुए।
जलभराव के कारण अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ा। कई स्थानों पर कर्मचारियों और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण अस्पताल तक पहुंचने वाले रास्तों में भी दिक्कतें आईं।
12 घंटे में हुई जोरदार बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, वाराणसी में सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक तेज बारिश दर्ज की गई। करीब 12 घंटे में भारी मात्रा में बारिश होने से शहर के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया।
लगातार बारिश के कारण नालियां और जल निकासी व्यवस्था दबाव में आ गई। कई इलाकों में पानी की निकासी नहीं हो सकी, जिसके कारण सड़कें और गलियां जलमग्न नजर आईं।
बारिश बनी मौत का कारण
बारिश के दौरान हुए अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, तीन लोगों की मौत करंट लगने से हुई, जबकि एक हादसे में दीवार गिरने से दंपती की जान चली गई।
चांदपुर इलाके में भारी बारिश के कारण एक दीवार गिर गई, जिसमें दबकर पति-पत्नी की मौत हो गई। बताया गया कि बारिश के कारण दीवार की नींव कमजोर हो गई थी और अचानक गिरने से यह हादसा हुआ।
वहीं कुछ इलाकों में बारिश के बीच बिजली के तारों से करंट फैलने की घटनाएं सामने आईं, जिनमें लोगों की जान चली गई। प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान बिजली के खंभों और खुले तारों से दूर रहने की अपील की है।
कई इलाकों में हालात खराब
बारिश के बाद वाराणसी के गिरजाघर, नई सड़क, लंका, गोदौलिया और अन्य कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी। प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी।
शहर के निचले इलाकों में हालात ज्यादा खराब रहे। कई जगहों पर लोग पानी निकालने की कोशिश करते नजर आए। दुकानदारों को भी नुकसान का सामना करना पड़ा।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमें सक्रिय हो गई हैं। जल निकासी के लिए पंप लगाए गए हैं और प्रभावित इलाकों में कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें और जरूरत के बिना घर से बाहर निकलने से बचें।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वांचल में बने मौसम सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना बनी रह सकती है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की आशंका जताई गई है।
प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद लेने की अपील की है।
किसानों पर भी असर
भारी बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों और खेती पर भी पड़ रहा है। कई जगहों पर खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसान जलभराव को लेकर चिंतित हैं।
हालांकि, कुछ फसलों के लिए बारिश फायदेमंद भी मानी जा रही है, लेकिन लगातार तेज बारिश नुकसान का कारण बन सकती है।
बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
वाराणसी जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक शहर में भारी बारिश ने नगर व्यवस्था की चुनौतियों को सामने ला दिया है। जहां एक ओर लोगों को जलभराव से परेशानी हुई, वहीं दूसरी ओर हादसों में हुई मौतों ने चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल प्रशासन की कोशिश है कि जल्द से जल्द जलभराव की समस्या को दूर किया जाए और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाई जाए। वाराणसी में बारिश का दौर जारी है और सभी की नजर अब मौसम के अगले अपडेट पर बनी हुई है।
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