कांवरियों की भीड़ का AI ने किया सटीक आकलन 75.76 लाख का आंकड़ा
अजगैवीनाथ धाम में आस्था की लहर
भागलपुर : सावन के पवित्र महीने में बिहार के प्रसिद्ध अजगैवीनाथ धाम में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। इस बार कांवर यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बना दिया। प्रशासन के अनुसार, धाम से करीब 75.76 लाख कांवरियों ने बाबा भोलेनाथ के जयकारों के साथ अपनी यात्रा पूरी की। खास बात यह रही कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या का आकलन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से किया गया, जिसकी सटीकता 99 प्रतिशत बताई जा रही है।
सुल्तानगंज स्थित अजगैवीनाथ धाम से हर साल लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होते हैं। सावन के दौरान यहां देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं और पूरा क्षेत्र ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंज उठता है।
पहली बार AI से हुई कांवरियों की गिनती
इस बार प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सही संख्या जानने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया। AI आधारित कैमरों और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए कांवरियों की आवाजाही पर नजर रखी गई। अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक तरीके से भीड़ का अनुमान लगाना मुश्किल होता था, लेकिन AI तकनीक से वास्तविक संख्या का अधिक सटीक आकलन संभव हुआ। इससे प्रशासन को सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं की बेहतर योजना बनाने में मदद मिली।
लाखों श्रद्धालुओं ने की बाबा की भक्ति
सावन के दौरान अजगैवीनाथ धाम में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचे। कांवड़ियों ने गंगा जल उठाकर लंबी पैदल यात्रा शुरू की और बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित करने का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए थे। पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवकों की टीमें लगातार तैनात रहीं।
सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल
इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी और डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए गए और आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीमें तैनात की गईं। AI तकनीक से भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ संभावित दबाव वाले क्षेत्रों की पहचान करने में भी मदद मिली।
आस्था और तकनीक का अनोखा संगम
अजगैवीनाथ धाम की इस कांवर यात्रा ने एक ओर जहां धार्मिक आस्था की ताकत दिखाई, वहीं दूसरी ओर आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का नया उदाहरण भी पेश किया। 75.76 लाख कांवरियों की भागीदारी और AI आधारित गिनती ने इस आयोजन को खास बना दिया है। प्रशासन का मानना है कि भविष्य में भी बड़े धार्मिक आयोजनों में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा सकता है।