रायबरेली। समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को रायबरेली से पार्टी की बहुचर्चित ‘PDA रथ यात्रा’ की शुरुआत की। यह यात्रा 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा के राजनीतिक और संगठनात्मक अभियान का हिस्सा है। पार्टी PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के बीच अपनी पहुंच और संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रही है।

अखिलेश यादव पार्टी की पारंपरिक लाल टोपी पहने विशेष रूप से तैयार किए गए ‘PDA रथ’ पर सवार होकर निकले। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक पार्टी के झंडे लेकर सड़कों पर दिखाई दिए। कई स्थानों पर समर्थकों ने रथ को घेर लिया और अखिलेश यादव ने वाहन के खुले हिस्से से उनका अभिवादन किया।

PDA रथ को समाजवादी विचारधारा से जुड़े प्रमुख नेताओं और महापुरुषों की तस्वीरों से सजाया गया है। इसमें डॉ. भीमराव आंबेडकर, डॉ. राम मनोहर लोहिया, जनेश्वर मिश्र, मुलायम सिंह यादव और बेनी प्रसाद वर्मा सहित कई नेताओं की तस्वीरें लगाई गई हैं। पार्टी इस यात्रा के माध्यम से सामाजिक न्याय से जुड़े अपने राजनीतिक संदेश को जनता तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

रायबरेली से यात्रा की शुरुआत को लेकर राजनीतिक हलकों में खास चर्चा है। रायबरेली लोकसभा सीट कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का निर्वाचन क्षेत्र है। ऐसे समय में यहां से सपा की यात्रा शुरू हुई है, जब आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस की रणनीति तथा संभावित सीट बंटवारे पर भी राजनीतिक चर्चा जारी है। दोनों दल 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में साथ चुनाव लड़ चुके हैं।

अखिलेश यादव का कार्यक्रम रायबरेली के बछरावां और हरचंदपुर क्षेत्र से भी जुड़ा है। पार्टी के कार्यक्रम के मुताबिक उनका हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी से मिलने और स्थानीय नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से संवाद करने का कार्यक्रम रखा गया। रायबरेली में संगठन से जुड़े नेताओं के साथ बैठक और कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव के लिए सक्रिय करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

सपा के लिए PDA पिछले कुछ वर्षों से उसकी राजनीतिक रणनीति का प्रमुख हिस्सा बना हुआ है। पार्टी पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों को एक साझा राजनीतिक मंच पर जोड़ने की बात करती रही है। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में भी इसी फॉर्मूले को प्रमुखता दी जा रही है। हाल के दिनों में अखिलेश यादव ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर जोर दिया है।

यात्रा के दौरान रायबरेली में सपा कार्यकर्ताओं का उत्साह दिखाई दिया। लाल टोपी और पार्टी के झंडों के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर पहुंचे। भीड़ के कारण कुछ स्थानों पर रथ की गति भी धीमी हुई। अखिलेश यादव ने रथ से हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन किया। पार्टी इस अभियान के जरिए विधानसभा चुनाव से पहले अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ-साथ जनता तक अपने राजनीतिक मुद्दे पहुंचाना चाहती है।

रायबरेली में यात्रा से पहले राजनीतिक पोस्टर भी चर्चा में रहे। कुछ पोस्टरों में अखिलेश यादव को भगवान राम और भगवान कृष्ण के रूप में दिखाया गया। इन पोस्टरों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। हालांकि ये पोस्टर पार्टी की आधिकारिक चुनावी सामग्री हैं या स्थानीय समर्थकों की ओर से लगाए गए हैं, इसे अलग-अलग रिपोर्टों में स्पष्ट रूप से स्थापित नहीं किया गया है।

सपा नेतृत्व फिलहाल PDA रथ यात्रा के पूरे प्रदेशव्यापी कार्यक्रम और मार्ग को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी में है। रायबरेली से इसकी शुरुआत के साथ पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अपने अभियान को जमीन पर उतार दिया है। आने वाले महीनों में सपा की रणनीति में संगठनात्मक बैठकें, कार्यकर्ता सम्मेलन, बूथ स्तर पर सक्रियता और PDA से जुड़े सामाजिक समूहों के बीच जनसंपर्क महत्वपूर्ण हिस्से रहने की संभावना है। रायबरेली का कार्यक्रम इसी व्यापक चुनावी तैयारी की शुरुआती कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

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