Jaipur, जयपुर : जयपुर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब एक बालिका ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से कविता सुनाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने बालिका के आग्रह को स्वीकार किया, जिसके बाद उसने मंच पर कविता का पाठ किया। बालिका की प्रस्तुति ने वहां मौजूद लोगों को प्रभावित किया और कार्यक्रम का माहौल भावुक हो गया।
कविता सुनाने वाली बालिका का नाम रिया शर्मा बताया गया है। रिया एक युवा कवयित्री हैं और उन्होंने प्रसिद्ध अभिनेता एवं कवि आशुतोष राणा द्वारा रचित कविता “यह देख कली का दिल डोला” का पाठ किया। कविता की विषयवस्तु में वीरता, देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े भाव शामिल थे। रिया ने स्पष्ट उच्चारण और भावपूर्ण अंदाज़ में कविता प्रस्तुत की, जिससे श्रोता प्रभावित हुए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूरी कविता ध्यान से सुनी। कविता समाप्त होने के बाद उन्होंने बालिका की खुले मंच से सराहना की। मुख्यमंत्री भावुक नजर आए और उन्होंने रिया की प्रतिभा की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में इस तरह की प्रस्तुति देना आत्मविश्वास और अभ्यास का परिणाम है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों के अनुसार, बालिका की कविता सुनते समय पूरे परिसर में शांति और ध्यान का माहौल रहा। मंदिर परिसर में उपस्थित लोगों ने कविता में वीर रस और देशप्रेम की भावना को महसूस किया। रिया की आवाज़, शब्दों की स्पष्टता और भावों की गहराई ने श्रोताओं को प्रभावित किया।
इस अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेता और कवि आशुतोष राणा ने भी बालिका की प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा कि रिया ने उनकी कविता को बहुत सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया और भावों को सही ढंग से व्यक्त किया। आशुतोष राणा ने बालिका का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि कविता को समझकर और महसूस करके प्रस्तुत करना एक बड़ी कला है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कविता पाठ के बाद बालिका के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। उन्होंने रिया को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली बच्चे समाज और संस्कृति को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि साहित्य, कविता और कला से जुड़ी प्रतिभाओं को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं में देशभक्ति, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का विकास जरूरी है और इस तरह की कविताएं इन मूल्यों को मजबूत करती हैं। उन्होंने रिया के आत्मविश्वास और प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेहनत और अभ्यास से आगे बढ़ने का रास्ता खुलता है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी बालिका की कविता की सराहना की और तालियों के साथ उसका उत्साह बढ़ाया। कई लोगों ने कहा कि रिया की प्रस्तुति लंबे समय तक याद रखी जाएगी। कविता और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया का यह क्षण कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बन गया।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह संदेश दिया कि साहित्य और कविता आज भी लोगों के दिलों को जोड़ने का काम करती है। बालिका की प्रस्तुति और मुख्यमंत्री की संवेदनशील प्रतिक्रिया ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
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