बारां। राजस्थान के बारां जिले में शनिवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। घर में खेल रही तीन मासूम बहनें अचानक कूलर में उतरे करंट की चपेट में आ गईं। हादसे में तीनों बच्चियां गंभीर रूप से झुलस गईं। परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ तीन बेटियों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में शोक की लहर है।
घटना बारां जिले के सदर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव की है। मृत बच्चियों की पहचान छह वर्षीय अवंतिका, चार वर्षीय सलोनी और दो वर्षीय संध्या के रूप में हुई है। तीनों सगी बहनें थीं और शनिवार सुबह अपने घर में खेल रही थीं। इसी दौरान घर में लगे कूलर में अचानक करंट फैल गया। खेलते-खेलते बच्चियां कूलर के संपर्क में आईं और बिजली के झटके की चपेट में आ गईं।
जानकारी के अनुसार बच्चियों के पिता मदनलाल सहरिया मूल रूप से मध्य प्रदेश के निहालदेवी क्षेत्र के रहने वाले हैं। वह अपने परिवार के साथ फतेहपुर गांव में रहकर एक किसान के यहां मजदूरी करते हैं। शनिवार सुबह मदनलाल और उनकी पत्नी रोजाना की तरह खेत में काम करने चले गए थे। घर पर उनकी तीनों बेटियां मौजूद थीं।
माता-पिता के खेत जाने के बाद अवंतिका, सलोनी और संध्या घर में एक साथ खेल रही थीं। इसी दौरान कूलर में विद्युत प्रवाह होने लगा। इसकी जानकारी बच्चियों को नहीं थी। कूलर के संपर्क में आते ही तीनों बहनें करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गईं। बच्चियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उनके माता-पिता को हादसे की सूचना दी।
घटना की खबर मिलते ही परिजन खेत से भागकर घर पहुंचे। ग्रामीणों की सहायता से तीनों बच्चियों को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनकी जांच की, लेकिन तब तक तीनों की सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टरों ने अवंतिका, सलोनी और संध्या को मृत घोषित कर दिया। तीन बच्चियों की मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल में चीख-पुकार मच गई।
सदर थाना प्रभारी नवल किशोर मीणा के अनुसार घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम अस्पताल पहुंची। पुलिस ने तीनों बच्चियों के शवों को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शवों का पोस्टमार्टम कराया गया और उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस कूलर में करंट फैलने के कारणों की जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर हादसा बिजली के तार में खराबी, उचित अर्थिंग नहीं होने या कूलर में विद्युत रिसाव के कारण होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि घटना का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस आसपास मौजूद लोगों और परिवार के सदस्यों से भी जानकारी जुटा रही है।
एक साथ तीन सगी बहनों की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। माता-पिता अपनी बेटियों के शव देखकर बेसुध हो गए। परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें संभालने की कोशिश की। जिन मासूम आवाजों और खेल-कूद से कुछ समय पहले तक घर में खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
हादसे के बाद गांव के बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी। छह वर्ष की अवंतिका, चार वर्ष की सलोनी और महज दो वर्ष की संध्या की असामयिक मौत से ग्रामीण भी सदमे में हैं। यह घटना बरसात के मौसम में कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत को भी रेखांकित करती है।
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