जोधपुर : राजस्थान के जोधपुर में चुनाव कार्यालय का एक स्टैण्डलेट सामने है। यहां पर यूक्रेन के भाजपा समाजवादी पार्टी के परिवहन विभाग के अधिकारी समझकर ने नोटिस भेजा है। मामला सामने आने के बाद यूनिवर्सल स्तर पर उथल-पुथल मच गई और अधिकारियों ने गठबंधन की प्रक्रिया शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि चुनाव कार्यालय की ओर से जारी किए गए नोटिस में नाम और पद की पहचान बताई गई है। नाबालिगों को परिवहन विभाग से जुड़े अधिकारी के रूप में दस्तावेज कर नोटिस भेजा गया था, जबकि वह एक अल्पसंख्यकों का व्यवसाय है।
रिकॉर्ड अपडेट समय हुआ
जानकारी के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज तैयार करने के दौरान यह त्रुटि हुई। अधिकारियों द्वारा अभिलेखों की शुरूआत और शुल्क के समय की गलत जानकारी दर्ज की गई। बाद में जब संबंधित व्यक्ति तक नोटिस पहुंचाया गया और मामले की जानकारी सामने आई तो चुनाव कार्यालय ने अपनी सहमति को स्वीकार कर लिया।
नोटिस मीटिंग के बाद हुआ खुलासा
यूपी के भाजपा अल्पसंख्यक के नाम पर जारी नोटिस में परिवहन विभाग के अधिकारी को बताया गया था। इस पर न्यूनतम कार्यालय की ओर से जानकारी दी गई तो पता चला कि यह चुनाव कार्यालय की ओर से औद्योगिकीकरण किया गया था। मामले को लेकर अधिकारियों से जवाब भी मांगा।
चुनाव कार्यालय ने माना मानव भूल
चुनाव कार्यालय की ओर से बताया गया कि यह मानवीय भूल का कारण है। संबंधित रिकार्ड ठीक किया जा रहा है और भविष्य में ऐसी त्रुटियां नहीं हैं, इसके लिए दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि चुनाव में महत्वपूर्ण कार्यकलापों में पूर्ण सावधानी बरती जाती है और यह केवल एक तकनीकी गड़बड़ी थी।
संस्थागत व्यवस्था पर उठे सवाल
चुनाव कार्यालय के इस लाॅज के बाद माइक्रोवेव टॉयलेट पर सवाल उठते हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव से जुड़े टिकट में किसी भी तरह की गंभीर गड़बड़ी हो सकती है।
Tags: