जयपुर: राजस्थान में तेज बारिश का दौर अब धीमा पड़ गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, दौसा, बारां और झालावाड़ में बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक मानसून कमजोर रहने तथा अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

पश्चिमी राजस्थान में बारिश कम होने से गर्मी का असर फिर बढ़ने लगा है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। धौलपुर में दो इंच से अधिक पानी बरसा। धौलपुर के राजाखेड़ा में 58 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं डीग में 45, बौंली में 15, कोटा के चेचट में 18, बड़ी सादड़ी में 46 तथा बारां के छबड़ा और अटरू में 22-22 मिलीमीटर बारिश हुई।

श्रीगंगानगर, बीकानेर और हनुमानगढ़ में रविवार दोपहर तक गर्मी और उमस बनी रही। इसके बाद अचानक घने बादल छाए और तेज हवा के साथ कई इलाकों में तूफानी बारिश हुई।

बीकानेर के लूणकरणसर और खाजूवाला, श्रीगंगानगर के पदमपुर सहित हनुमानगढ़ के कुछ हिस्सों में हुई बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। बारिश के कारण इन क्षेत्रों के तापमान में एक से दो डिग्री तक गिरावट आ गई।

मानसून कमजोर रहने से पश्चिमी राजस्थान के जिलों में मौसम लगातार शुष्क बना हुआ है। रविवार को फलोदी प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस मापा गया। आने वाले दिनों में भी पश्चिमी राजस्थान में आसमान साफ रहने और धूप निकलने से तापमान बढ़ने की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की ट्रफ श्रीगंगानगर, रोहतक, सतना, डालटनगंज और बांकुरा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। वहीं दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके प्रभाव से अगले दो दिन पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में ही छिटपुट बारिश हो सकती है। 8-9 सितंबर से मानसून के फिर कमजोर पड़ने और करीब एक सप्ताह तक अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए झालावाड़ जिले में सोमवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। जिला प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय किया है।

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