चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, उठाया ‘वोट चोरी’ मुद्दा
कांग्रेस ने चुनाव आयोग के सामने उठाया ‘वोट चोरी’ का मुद्दा
जयपुर: प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को कथित ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। जयपुर के शहीद स्मारक पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर पहुंचे तथा नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग के कार्यालय तक पैदल मार्च निकालने की घोषणा की गई।
प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राजस्थान प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास सहित पार्टी के कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन को देखते हुए शहीद स्मारक के आसपास पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया गया। बैरिकेडिंग की गई और यातायात को भी प्रभावित मार्गों से डायवर्ट किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदर्शन के दौरान चुनाव प्रक्रिया और परिसीमन को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास हो रहा है।
गहलोत ने असम में परिसीमन का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि विधानसभा और लोकसभा के आगामी परिसीमन में भी गड़बड़ी का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से लोगों के बीच जाकर इस मुद्दे को उठाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
गहलोत ने एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग की हालिया सफाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि नियमित मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया के बजाय एसआईआर में पुराने मतदाताओं के नाम और उनकी पात्रता को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। ये गहलोत और कांग्रेस के आरोप हैं, जबकि चुनाव आयोग की ओर से एसआईआर को लेकर अलग पक्ष रखा गया है। कांग्रेस ने आयोग की प्रक्रिया पर आपत्तियां जताते हुए इसे राजनीतिक रूप से गंभीर मुद्दा बनाया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर प्रक्रिया पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर में गड़बड़ियां हुई हैं और कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आगे भी जनआंदोलन करेगी। प्रदर्शन के दौरान डोटासरा ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर भी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का आह्वान किया।
डोटासरा ने निकाय चुनावों के दौरान पुलिस और प्रशासन की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव के दौरान अधिकारियों से शिकायतें की थीं, लेकिन उनकी बातों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।