Punjab पंजाब: शहर में शनिवार और रविवार को छठ पूजा की तैयारियाँ ज़ोरों पर रहीं। श्रद्धालु नहरों के किनारे और घाटों पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारी में थे, लेकिन घाटों की हालत देखकर लोगों की नाराजगी साफ़ झलक रही थी। हालाँकि कुछ इलाकों में सफाई अभियान चलाया गया, लेकिन पूरा इलाका और नहर के आसपास इतनी गंदगी है कि महीनों की सफाई भी पूरी नहीं हो पा रही है।
मेयर विनीत धीर के निर्देश पर नगर निगम के सफाई विभाग ने नहरों के किनारे और घाटों की सफाई शुरू कर दी, लेकिन सच्चाई यह है कि लंबे समय से किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। कूड़े के ढेर और जमा गंदगी ने श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर नहर की पुलियों पर कूड़ा इस कदर जमा हो गया है कि पानी का बहाव रुक गया है।
लोगों का कहना है कि अगर नगर निगम समय रहते नियमित सफाई करवाता, तो छठ जैसे त्योहार पर इतनी अव्यवस्था नहीं होती। अब, जब त्योहार नज़दीक है, नगर निगम ने आनन-फानन में सफाई शुरू कर दी है, और वह भी कुछ चुनिंदा इलाकों में ही। ऐसे में लोगों को त्योहार मनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मेयर विनीत धीर इन दिनों शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
लेकिन विडंबना यह है कि उन्हें खुद ही सफाई प्रभारी की भूमिका निभानी पड़ रही है। सफाई कर्मचारियों और अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण मेयर को खुद ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के रूट तय करने, सफाई की निगरानी करने और यहाँ तक कि मौके पर जाकर निरीक्षण भी करना पड़ रहा है। धीर के इन प्रयासों के बावजूद, सवाल उठता है कि निगम अधिकारी आखिर कर क्या रहे हैं? जब शहर के मेयर को खुद सफाई व्यवस्था संभालनी पड़ रही है, तो जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठना लाजिमी है।