जालंधर। कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने चार वर्षीय बच्चे के अपहरण मामले को सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में चाइल्ड ट्रैफिकिंग से जुड़े गिरोह के मुख्य आरोपी रजत रत्तू उर्फ रोकी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर बच्चे का अपहरण किया था और उसे बेचने की योजना बनाई थी।

पुलिस का दावा है कि आरोपी बच्चे को चाइल्ड ट्रैफिकिंग के उद्देश्य से अगवा कर रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी ने बच्चे को एक लाख रुपये में बेचने की योजना बनाई थी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की सफेद एक्टिवा भी बरामद कर ली है।

मामले में पुलिस दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

जानकारी के अनुसार, बच्चे के अपहरण की शिकायत मिलने के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के निर्देश पर जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया।

पूरे मामले की निगरानी डीसीपी सिटी आदित्य एस. वारियर, एडीसीपी जोन-2 माधवी शर्मा और एसीपी वेस्ट आतिश भाटिया कर रहे थे। थाना बस्ती बावा खेल पुलिस ने जांच शुरू करते हुए संदिग्धों की पहचान और तलाश शुरू की।

जांच टीम में एसआई गुरदीप चंद, थाना प्रभारी बस्ती बावा खेल और एएसआई सुखदेव चंद, चौकी इंचार्ज लेदर कांप्लेक्स सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने तकनीकी जांच और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रजत रत्तू उर्फ रोकी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान अपहरण की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस का कहना है कि बच्चे को बेचने की योजना के पीछे संगठित गिरोह की भूमिका की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी पहले भी इस तरह की किसी वारदात में शामिल रहा है या नहीं।

बच्चों की तस्करी यानी चाइल्ड ट्रैफिकिंग को गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में पुलिस और जांच एजेंसियां आरोपियों के नेटवर्क का पता लगाने पर भी काम करती हैं, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।

इस मामले में पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल वाहन को भी जब्त किया है। बिना नंबर की सफेद एक्टिवा की बरामदगी को जांच में महत्वपूर्ण सुराग माना जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चे की सुरक्षा और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

बच्चों के अपहरण और तस्करी से जुड़े मामले समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। पुलिस लगातार ऐसे मामलों में कार्रवाई कर गिरोहों पर शिकंजा कसने का प्रयास करती है।

जालंधर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी बच्चे को किसके माध्यम से बेचने की योजना बना रहा था और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।

फिलहाल गिरफ्तार आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा किया जाएगा। वहीं, फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है।

Tags: