संगरूर। पंजाब के संगरूर जिले में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में कथित रूप से कोई चीज खाने वाले जग्गा सिंह के मामले में पुलिस ने सोमवार को जानकारी साझा की। संगरूर की SSP रवजोत कौर ग्रेवाल ने बताया कि जग्गा सिंह के खिलाफ कुल नौ FIR दर्ज हैं। इनमें से चार मामलों में उसे अदालत से दोषी ठहराया जा चुका है।पुलिस के अनुसार, जग्गा सिंह के खिलाफ दर्ज मामलों में आबकारी (Excise) और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) कानून से जुड़े मामले शामिल हैं। इसके अलावा उसके खिलाफ एक रेप का मामला भी दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
वीडियो पोस्ट करने के बाद लगाया था धमकी का आरोप
जग्गा सिंह ने आरोप लगाया था कि उसने अपने गांव में कथित तौर पर ड्रग्स की बिक्री से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इसके बाद उसे परेशान किया जा रहा था और धमकियां दी जा रही थीं।उसने दावा किया था कि वीडियो सामने आने के बाद उसके खिलाफ दबाव बनाया गया। इसी मामले को लेकर उसने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने की कोशिश की थी।
डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में बिगड़ी थी हालत
जानकारी के मुताबिक, डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में जग्गा सिंह की तबीयत बिगड़ गई थी। बताया गया कि उसने कोई चीज खा ली थी, जिसके बाद उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।पहले उसे संगरूर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया।
पुलिस ने दी मामलों की जानकारी
SSP रवजोत कौर ग्रेवाल ने बताया कि जग्गा सिंह के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ नौ FIR दर्ज की गई हैं।पुलिस ने यह भी बताया कि चार मामलों में अदालत द्वारा उसे दोषी ठहराया जा चुका है। इसके अलावा चार अन्य मामलों में वह विचाराधीन कैदी है।
NDPS और आबकारी कानून के तहत मामले
पुलिस के अनुसार, जग्गा सिंह पर दर्ज मामलों में कुछ मामले नशे से संबंधित कानूनों के तहत दर्ज किए गए हैं। NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामले गंभीर श्रेणी में आते हैं, जिनमें नशीले पदार्थों की बिक्री, कब्जे या तस्करी से जुड़े आरोप शामिल हो सकते हैं।वहीं, आबकारी कानून से जुड़े मामले अवैध शराब या संबंधित गतिविधियों से जुड़े होते हैं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
जग्गा सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस द्वारा बताए गए रिकॉर्ड के बीच अब मामले की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस की ओर से जहां उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी दी गई है, वहीं जग्गा सिंह ने खुद को धमकी और उत्पीड़न का शिकार बताया था।ऐसे मामलों में दोनों पक्षों के दावों की जांच तथ्यों और आधिकारिक जांच प्रक्रिया के आधार पर की जाती है।
स्वास्थ्य स्थिति पर जानकारी
जग्गा सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद पटियाला के राजिंदरा अस्पताल भेजा गया। उसकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अस्पताल और प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार है।पुलिस ने पूरे मामले की जांच जारी रखने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।
नशे के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा
पंजाब में नशे का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय रहा है। प्रशासन और पुलिस समय-समय पर नशे के खिलाफ अभियान चलाने का दावा करते रहे हैं।इस मामले में भी जग्गा सिंह द्वारा लगाए गए आरोप और उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों ने विवाद को बढ़ा दिया है। फिलहाल पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई तथ्यों के आधार पर की जाएगी।जग्गा सिंह मामले में एक ओर जहां उसने धमकी और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, वहीं पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी सार्वजनिक की है। अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।