करंट से बुझा घर का चिराग स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, परिवार ने किया विरोध प्रदर्शन
भुवनेश्वर। ओडिशा के कालाहांडी जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में मां और बेटी की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजन दोनों के शव लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और परिसर में प्रदर्शन करते हुए न्याय की मांग की। यह घटना कालाहांडी सदर थाना क्षेत्र के करलासोड़ा गांव की बताई जा रही है। मृतकों की पहचान ललिता नायक और उनकी बेटी शीतल नायक के रूप में हुई है।
कपड़े सुखाते समय बेटी को लगा करंट
जानकारी के मुताबिक, शीतल नायक घर में कपड़े सुखा रही थीं। इसी दौरान वह एक खुले बिजली के तार की चपेट में आ गईं और उन्हें तेज करंट लग गया।बेटी को करंट से तड़पता देख मां ललिता नायक उसे बचाने के लिए दौड़ीं। लेकिन बेटी को बचाने की कोशिश में वह भी बिजली के तार के संपर्क में आ गईं और उन्हें भी करंट लग गया।
हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन और स्थानीय लोग उन्हें तुरंत इलाज के लिए कालाहांडी जिला मुख्यालय अस्पताल (DHH) लेकर पहुंचे।अस्पताल में मौत की घोषणा पर परिवार नाराज
परिवार के अनुसार, अस्पताल में दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने बिना उचित जांच के ही दोनों को मृत घोषित कर दिया।इसको लेकर परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था और कथित लापरवाही पर सवाल उठाए।
शव लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे परिजन
मां-बेटी की मौत के बाद परिवार के लोग और ग्रामीण दोनों के शव लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने कार्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिवार को जांच का भरोसा दिया।
अधिकारियों ने कहा कि मामले की पूरी जांच की जाएगी। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। हादसे के बाद करलासोड़ा गांव में शोक का माहौल है।