रांची। झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (JSSC) की ओर से आयोजित कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा-2023 में कथित गड़बड़ियों के मामले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। झारखंड पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने इस मामले में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।

इस नई गिरफ्तारी के साथ ही परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही जांच में अब तक कुल 11 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। जांच एजेंसी मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

बिहार से हुई एक और गिरफ्तारी

अधिकारी के अनुसार, सीआईडी ने बिहार से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। हालांकि, गिरफ्तार आरोपी की पहचान और उसकी भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

सीआईडी पहले से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके संपर्कों, लेनदेन और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े संबंधों की जांच कर रही है।

CGL परीक्षा-2023 में गड़बड़ी का आरोप

JSSC CGL परीक्षा-2023 को लेकर उम्मीदवारों ने लंबे समय से सवाल उठाए हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और इससे मेहनत करने वाले उम्मीदवारों के साथ अन्याय हुआ।

मामले को लेकर छात्रों और नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों ने रांची में कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन भी किया था।

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने परीक्षा की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पारदर्शी प्रक्रिया की मांग की थी।

रांची में हुआ था बड़ा प्रदर्शन

परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर पिछले महीने राजधानी रांची में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़कों पर उतरे थे।

छात्रों का कहना था कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय होती हैं। ऐसे में किसी भी तरह की गड़बड़ी से हजारों उम्मीदवारों का नुकसान होता है।

प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार और जांच एजेंसियों से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की थी।

CID कर रही मामले की जांच

मामले की जांच झारखंड पुलिस की CID कर रही है। एजेंसी परीक्षा से जुड़े दस्तावेज, तकनीकी साक्ष्य और आरोपियों के नेटवर्क की जांच कर रही है।

जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित गड़बड़ी में कौन-कौन लोग शामिल थे और परीक्षा प्रक्रिया को किस तरह प्रभावित किया गया।

सीआईडी अधिकारियों के अनुसार, जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

उम्मीदवारों में बनी हुई है नाराजगी

JSSC CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी के बाद उम्मीदवारों में नाराजगी बनी हुई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण है।

उन्होंने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस मामले ने राज्य की भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, अनुचित साधनों के इस्तेमाल और अन्य गड़बड़ियों को लेकर देशभर में चिंता जताई जाती रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में तकनीकी सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और सख्त नियमों का पालन जरूरी है, ताकि उम्मीदवारों का भरोसा बना रहे।

जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल सीआईडी की जांच जारी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि परीक्षा में गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।

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