भुवनेश्वर। ओडिशा में औद्योगिक विकास को गति देने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ओडिशा इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (IDCO) की लैंड अलॉटमेंट कमिटी (LAC) ने राज्य में 37 औद्योगिक परियोजना प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।

इन प्रस्तावों को 2 सितंबर को हुई कमिटी की बैठक में स्वीकृति दी गई। बैठक की अध्यक्षता हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी और IDCO की चेयरपर्सन उषा पाधी ने की।

IDCO की ओर से मंजूर किए गए 37 प्रस्तावों में से 24 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन आवंटन से जुड़े हैं। वहीं, 13 प्रस्तावों का उद्देश्य MSME क्षेत्र को बढ़ावा देना है।

अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने से राज्य में नए उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया तेज होगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

ओडिशा सरकार लगातार राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और बेहतर औद्योगिक वातावरण तैयार करने पर जोर दे रही है। IDCO के माध्यम से उद्योगों के लिए जरूरी भूमि और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम किया जाता है।

लैंड अलॉटमेंट कमिटी की मंजूरी के बाद संबंधित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे उद्योगों की स्थापना में आने वाली शुरुआती बाधाएं कम होंगी और निवेशकों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

मंजूर किए गए बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि सप्लाई चेन नेटवर्क भी मजबूत होगा।

MSME क्षेत्र को बढ़ावा देने वाले 13 प्रस्तावों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छोटे और मध्यम उद्योग स्थानीय अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाते हैं और बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी राज्य के औद्योगिक विकास के लिए बड़े उद्योगों के साथ-साथ MSME सेक्टर का मजबूत होना जरूरी है। छोटे उद्योग बड़े उद्योगों की सप्लाई चेन का हिस्सा बनकर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाते हैं।

ओडिशा में खनिज, ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य क्षेत्रों में औद्योगिक संभावनाएं काफी अधिक हैं। सरकार निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार नीतिगत सुधार और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर काम कर रही है।

IDCO की ओर से जमीन आवंटन की प्रक्रिया को उद्योगों के लिए आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे निवेशकों को परियोजनाएं शुरू करने में तेजी मिलेगी।

अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं के लागू होने से राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे स्थानीय कारोबारियों और युवाओं को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

नई परियोजनाओं से रोजगार सृजन के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी मजबूती मिलने की संभावना है। उद्योगों के विस्तार से परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी अवसर पैदा होंगे।

सरकार का लक्ष्य ओडिशा को एक मजबूत औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके लिए निवेश, रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

IDCO की लैंड अलॉटमेंट कमिटी की यह मंजूरी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे राज्य में औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने में मदद मिलेगी।

आने वाले समय में इन परियोजनाओं के माध्यम से ओडिशा के औद्योगिक परिदृश्य में बदलाव आने की उम्मीद है। बड़े उद्योगों के साथ MSME क्षेत्र के विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल सकती है।

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