भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। पिछले ढाई वर्षों के दौरान राजधानी में यातायात नियम तोड़ने पर कुल 13,844 चालान काटे गए, जबकि विभिन्न मामलों में 144 वाहनों को जब्त किया गया। ओडिशा के परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने विधानसभा में यह जानकारी दी।

परिवहन मंत्री ने विधायक प्रताप केशरी देब के एक सवाल के जवाब में राज्य में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और उसके खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़े आंकड़े सदन के सामने रखे। उन्होंने बताया कि भुवनेश्वर में इस अवधि के दौरान सबसे अधिक चालान की कार्रवाई की गई है। राजधानी में बढ़ते यातायात के बीच नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई।

मंत्री की ओर से विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, पिछले ढाई वर्षों में भुवनेश्वर में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामलों में 13,844 चालान जारी किए गए। इसके अलावा 144 वाहनों को जब्त किया गया। इन आंकड़ों के आधार पर चालान की संख्या के मामले में भुवनेश्वर राज्य में सबसे आगे रहा।

वहीं कटक जिला ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जारी चालान की संख्या के मामले में दूसरे स्थान पर रहा। कटक में पिछले ढाई वर्षों के दौरान 10,844 चालान काटे गए। यहां नियमों के उल्लंघन के अलग-अलग मामलों में कुल 291 वाहनों को जब्त किया गया। भुवनेश्वर की तुलना में कटक में चालान की संख्या कम रही, लेकिन जब्त किए गए वाहनों की संख्या अधिक दर्ज की गई।

राज्य स्तर के आंकड़ों की बात करें तो पिछले ढाई वर्षों में ओडिशा में बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ यातायात नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई हुई है। परिवहन मंत्री के अनुसार, इस अवधि के दौरान पूरे राज्य में 4,15,159 लोगों द्वारा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन दर्ज किया गया। इन मामलों में अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया।

यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में पिछले ढाई वर्षों में राज्यभर से कुल 15.16 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है। यह राशि विभिन्न प्रकार के यातायात उल्लंघनों के मामलों में की गई कार्रवाई के तहत वसूली गई। इसी अवधि में पूरे ओडिशा में कुल 1,812 वाहनों को जब्त किया गया।

विधानसभा में सामने आए आंकड़े राज्य में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामलों की व्यापक तस्वीर पेश करते हैं। चार लाख से अधिक लोगों पर कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित विभाग और अधिकारी लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। विशेष रूप से भुवनेश्वर और कटक जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों में वाहनों की संख्या और यातायात का दबाव अधिक होने के कारण ट्रैफिक प्रबंधन महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।

भुवनेश्वर राज्य की राजधानी होने के साथ प्रमुख प्रशासनिक और व्यावसायिक केंद्र भी है। शहर में रोजाना बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित करता है, बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़े जोखिम भी बढ़ा सकता है। इसी कारण नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

कटक में भी यातायात व्यवस्था बड़ी चुनौती बनी हुई है। शहर के कई इलाकों में व्यस्त सड़कों और वाहनों की अधिक आवाजाही के कारण ट्रैफिक नियमों का पालन महत्वपूर्ण है। पिछले ढाई वर्षों में 10,844 चालान और 291 वाहनों की जब्ती के आंकड़े बताते हैं कि वहां भी बड़े पैमाने पर प्रवर्तन कार्रवाई की गई है।

परिवहन मंत्री की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, पूरे राज्य में 4.15 लाख से अधिक लोगों के खिलाफ ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए। इस दौरान 15 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला जाना भी कार्रवाई के व्यापक स्तर को दर्शाता है। वहीं 1,812 वाहनों की जब्ती से पता चलता है कि कई मामलों में अधिकारियों ने केवल जुर्माना लगाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी।

यातायात नियमों का पालन सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है। वाहन चलाते समय निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने से चालक के साथ-साथ सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में परिवहन और यातायात विभाग की ओर से नियमों के पालन पर लगातार जोर दिया जाता है।

फिलहाल विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों ने भुवनेश्वर और कटक में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की स्थिति को सामने रखा है। भुवनेश्वर 13,844 चालान के साथ सबसे ऊपर रहा, जबकि कटक में 10,844 चालान काटे गए। राज्यभर में 4,15,159 उल्लंघनकर्ताओं से जुड़े मामलों में कार्रवाई, 1,812 वाहनों की जब्ती और 15.16 करोड़ रुपये के जुर्माने की वसूली पिछले ढाई वर्षों के दौरान की गई है।

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