भुवनेश्वर। ओडिशा के मयूरभंज जिले में स्थित रसगोविंदपुर हवाई पट्टी को अब हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य के परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने ओडिशा विधानसभा में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रसगोविंदपुर हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार आवश्यक कदम उठा रही है।

विधानसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने कहा कि मयूरभंज जिले की रसगोविंदपुर हवाई पट्टी के विकास और उन्नयन की योजना पर सरकार काम कर रही है। हवाई पट्टी को आधुनिक सुविधाओं वाले हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने के लिए जरूरी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने रसगोविंदपुर हवाई पट्टी को हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार ने भी परियोजना की दिशा में काम तेज किया है। इसके लिए मौजूदा राज्य बजट में वित्तीय प्रावधान किया गया है, ताकि हवाई पट्टी के विकास और उन्नयन से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाया जा सके।

जेना ने विधानसभा को बताया कि ओडिशा सरकार इस परियोजना को लेकर केंद्र सरकार के संपर्क में है। परियोजना से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं और विकास कार्यों को लेकर दोनों स्तरों पर समन्वय किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि आवश्यक औपचारिकताओं और प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जाए।

रसगोविंदपुर हवाई पट्टी का एयरपोर्ट के रूप में विकास मयूरभंज जिले के लिए महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है। हवाई संपर्क उपलब्ध होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है। वर्तमान में मयूरभंज और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को हवाई यात्रा के लिए दूसरे शहरों में स्थित हवाई अड्डों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर एयरपोर्ट विकसित होने के बाद क्षेत्र को विमानन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में नई संभावनाएं बन सकती हैं।

मयूरभंज प्राकृतिक संपदा और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण क्षेत्र है। जिले में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी विकसित होने से भविष्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इसके साथ ही व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के लिए भी परिवहन सुविधाओं का विकास महत्वपूर्ण माना जाता है।

हवाई अड्डे जैसी आधारभूत संरचना के विकास से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ने के साथ निवेश और रोजगार से जुड़ी संभावनाएं भी पैदा हो सकती हैं। हालांकि परियोजना के स्वरूप, निर्माण कार्यों की समयसीमा और एयरपोर्ट से उड़ानों के संचालन से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

परिवहन मंत्री के अनुसार, फिलहाल सरकार का ध्यान रसगोविंदपुर हवाई पट्टी के विकास और उन्नयन के लिए जरूरी कदम उठाने पर है। राज्य के बजट में इसके लिए प्रावधान किया जाना परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके आधार पर आने वाले समय में आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित काम किए जा सकेंगे।

राज्य सरकार केंद्र के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। चूंकि विमानन क्षेत्र में विभिन्न स्तरों पर केंद्र और संबंधित एजेंसियों की मंजूरी तथा तकनीकी मानकों का पालन जरूरी होता है, इसलिए परियोजना को निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।

रसगोविंदपुर हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में बदलने की योजना मयूरभंज जिले में परिवहन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हवाई अड्डा विकसित होने से क्षेत्र के लोगों को भविष्य में बेहतर हवाई संपर्क मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा मयूरभंज को राज्य और देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में भी यह परियोजना अहम भूमिका निभा सकती है।

सरकार की ओर से विधानसभा में दी गई जानकारी के बाद अब परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़े अगले चरणों पर नजर रहेगी। राज्य बजट में प्रावधान होने और केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद विकास कार्यों की प्रक्रिया किस गति से आगे बढ़ती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

फिलहाल परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने साफ किया है कि रसगोविंदपुर हवाई पट्टी को हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार काम कर रही है। केंद्र सरकार से प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है और राज्य सरकार परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र के साथ समन्वय करते हुए आवश्यक कदम उठा रही है।

Tags: