भुवनेश्वर एयरपोर्ट से अभी कोई इंटरनेशनल फ्लाइट नहीं, 1 अक्टूबर से बैंकॉक सेवा की तैयारी
भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फिलहाल कोई अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा संचालित नहीं हो रही है। राज्य के परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने गुरुवार को ओडिशा विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अभी बंद हैं, हालांकि 1 अक्टूबर 2026 से भुवनेश्वर और बैंकॉक के बीच सीधी विमान सेवा शुरू करने की योजना है।
विधानसभा में विधायक कलिकेश नारायण सिंह देव के एक सवाल का जवाब देते हुए परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने भुवनेश्वर एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों की स्थिति की जानकारी दी। मंत्री ने सदन को बताया कि वर्तमान समय में बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कोई भी अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट संचालित नहीं की जा रही है।
मंत्री ने भुवनेश्वर एयरपोर्ट की घरेलू कनेक्टिविटी से जुड़े आंकड़े भी विधानसभा में रखे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में भुवनेश्वर एयरपोर्ट देश के 33 घरेलू गंतव्यों से जुड़ा हुआ था। वर्ष 2026 में घरेलू गंतव्यों की यह संख्या घटकर 19 रह गई है। यानी एक साल के दौरान एयरपोर्ट की घरेलू डेस्टिनेशन कनेक्टिविटी में भी कमी दर्ज की गई है।
भुवनेश्वर एयरपोर्ट ओडिशा का प्रमुख विमानन केंद्र है। राजधानी में स्थित होने के कारण यहां से राज्य के विभिन्न हिस्सों के यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में घरेलू गंतव्यों की संख्या में कमी और फिलहाल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन नहीं होना राज्य की हवाई कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण विषय बन गया है।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क को लेकर आने वाले दिनों में स्थिति बदल सकती है। परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना के मुताबिक, इंडिगो की ओर से 1 अक्टूबर 2026 से भुवनेश्वर-बैंकॉक के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू करने की योजना है। यह सेवा शुरू होने पर भुवनेश्वर को एक बार फिर सीधे अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग से जोड़ने में मदद मिलेगी।
बैंकॉक दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रमुख पर्यटन और व्यावसायिक केंद्रों में शामिल है। भुवनेश्वर से सीधी उड़ान उपलब्ध होने पर यात्रियों को बैंकॉक जाने के लिए दूसरे भारतीय शहरों के जरिए कनेक्टिंग फ्लाइट लेने की आवश्यकता कम हो सकती है। इससे ओडिशा से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों को एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है।
मंत्री की ओर से विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, फिलहाल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय सेवा नहीं चल रही है। ऐसे में प्रस्तावित भुवनेश्वर-बैंकॉक सीधी उड़ान की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। हालांकि उड़ान के समय, आवृत्ति और अन्य परिचालन विवरण संबंधित एयरलाइन की ओर से निर्धारित किए जाएंगे।
दूसरी तरफ घरेलू उड़ान नेटवर्क में आई कमी भी ध्यान खींच रही है। वर्ष 2025 में 33 घरेलू गंतव्यों से जुड़ा भुवनेश्वर एयरपोर्ट 2026 में 19 गंतव्यों से जुड़ा है। इस तरह उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक घरेलू गंतव्यों की संख्या में 14 की कमी हुई है।
भुवनेश्वर एयरपोर्ट से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी का सीधा संबंध राज्य के पर्यटन, व्यापार और यात्रियों की सुविधा से भी है। ओडिशा में पुरी, कोणार्क सहित कई प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, जहां देश और विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। इसके अलावा राज्य में खनन, उद्योग और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के कारण भी हवाई यात्रा की मांग रहती है।
बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से यात्रियों को कम समय में अलग-अलग शहरों और देशों तक पहुंचने की सुविधा मिलती है। इसके साथ ही पर्यटन और कारोबारी गतिविधियों को भी इसका लाभ मिल सकता है। यही वजह है कि बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या और नए गंतव्यों को लेकर होने वाले बदलावों पर लगातार नजर रहती है।
विधानसभा में सामने आए आंकड़ों से फिलहाल दो महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट हुई हैं। पहली यह कि वर्तमान में भुवनेश्वर एयरपोर्ट से कोई अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा नहीं चल रही है। दूसरी यह कि घरेलू गंतव्यों की संख्या वर्ष 2025 के 33 से घटकर 2026 में 19 रह गई है।
इस बीच 1 अक्टूबर से प्रस्तावित भुवनेश्वर-बैंकॉक सीधी उड़ान से अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क दोबारा शुरू होने की उम्मीद बनी है। यदि योजना के मुताबिक सेवा शुरू होती है तो यात्रियों को भुवनेश्वर से सीधे बैंकॉक जाने की सुविधा मिलेगी।
अब यात्रियों और विमानन क्षेत्र की नजर 1 अक्टूबर पर रहेगी, जब इंडिगो की प्रस्तावित भुवनेश्वर-बैंकॉक उड़ान शुरू होने की योजना है। फिलहाल परिवहन मंत्री ने विधानसभा में साफ किया है कि बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट से वर्तमान में कोई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट सेवा संचालित नहीं हो रही है।