भुवनेश्वर। ओडिशा में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और भविष्य की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप इकोनॉमिक रीजन (BKPPER) के लिए व्यापक और टिकाऊ शहरी मोबिलिटी फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा। एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) इस योजना को विकसित करने में ओडिशा सरकार की सहायता करेगा। प्रस्तावित फ्रेमवर्क में क्षेत्रीय स्तर पर परिवहन योजना, सार्वजनिक बस सेवाओं में बदलाव और टिकाऊ शहरी परिवहन के लिए संस्थागत व्यवस्था मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इसी दिशा में राज्य सरकार के हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट (H&UD) विभाग ने एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से राजधानी भुवनेश्वर के खारवेल भवन में ‘ओडिशा के लिए टिकाऊ शहरी मोबिलिटी ट्रांजिशन प्लान तैयार करने’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की।

कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, परिवहन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया। बैठक में BKPPER क्षेत्र की मौजूदा और भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित योजनाओं पर चर्चा की गई।

चार प्रमुख शहरों को जोड़ने पर फोकस

भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप इकोनॉमिक रीजन राज्य के चार महत्वपूर्ण शहरी और आर्थिक केंद्रों को एक व्यापक क्षेत्रीय ढांचे में जोड़ने की परिकल्पना है। भुवनेश्वर प्रदेश की राजधानी और प्रमुख प्रशासनिक केंद्र है, जबकि कटक एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक शहर है। पुरी धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है और पारादीप बंदरगाह तथा औद्योगिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है।

इन चारों क्षेत्रों के बीच लोगों और सामान की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भविष्य के लिए एक ऐसी परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जो अलग-अलग शहरों की परिवहन प्रणाली को क्षेत्रीय स्तर पर बेहतर तरीके से जोड़ सके।

राज्य सरकार के अनुसार, प्रस्तावित पहल का उद्देश्य BKPPER के लिए व्यापक और टिकाऊ शहरी मोबिलिटी फ्रेमवर्क तैयार करना है।

क्षेत्रीय मोबिलिटी प्लान होगा तैयार

योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा व्यापक रीजनल मोबिलिटी प्लान तैयार करना है। इसके तहत यह अध्ययन किया जाएगा कि भुवनेश्वर, कटक, पुरी और पारादीप के बीच यात्रियों की आवाजाही को किस तरह अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।

क्षेत्रीय मोबिलिटी प्लानिंग में सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता, अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच बेहतर तालमेल और भविष्य में बढ़ने वाले यातायात को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बुनियादी ढांचे जैसे पहलुओं पर विचार किया जाएगा।

इसका उद्देश्य केवल वर्तमान परिवहन समस्याओं का समाधान करना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में शहरी विस्तार और आर्थिक गतिविधियों के कारण बढ़ने वाली परिवहन मांग के लिए पहले से तैयारी करना भी है।

सार्वजनिक बस सेवाओं में बदलाव की तैयारी

प्रस्तावित फ्रेमवर्क में सार्वजनिक बस सेवाओं के परिवर्तन को भी प्राथमिकता दी गई है। कार्यशाला के दौरान बस सेवा में बदलाव के लिए रोडमैप पर चर्चा की गई।

सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक, विश्वसनीय और टिकाऊ बनाने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए बस नेटवर्क, यात्रियों की जरूरतों और विभिन्न शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी जैसे विषय महत्वपूर्ण होंगे।

वर्कशॉप में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए आवश्यक कदमों पर संबंधित विभागों और हितधारकों से सुझाव लिए गए।

ADB ने पेश की शुरुआती रिपोर्ट

कार्यशाला के दौरान एशियन डेवलपमेंट बैंक की टीम ने अपने प्रारंभिक अध्ययन की प्रमुख बातें और सुझाव प्रस्तुत किए। शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार के अधिकारियों और अन्य स्टेकहोल्डर्स ने विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया।

ADB की टीम ने BKPPER के लिए व्यापक रीजनल मोबिलिटी प्लान, सार्वजनिक बस सेवाओं में बदलाव के रोडमैप और अन्य परिवहन संबंधी उपायों को लेकर अपने सुझाव रखे।

कार्यशाला का उद्देश्य इन प्रारंभिक प्रस्तावों पर विभिन्न विभागों से प्रतिक्रिया प्राप्त करना भी था, ताकि अंतिम योजना तैयार करते समय स्थानीय जरूरतों और प्रशासनिक पहलुओं को शामिल किया जा सके।

ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी पर चर्चा

कार्यशाला में ओडिशा ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी के मसौदे पर भी चर्चा की गई। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन केंद्रों के आसपास योजनाबद्ध शहरी विकास को प्रोत्साहित करना है।

इसके माध्यम से आवासीय, व्यावसायिक और अन्य गतिविधियों को सार्वजनिक परिवहन से बेहतर तरीके से जोड़ने की दिशा में काम किया जा सकता है। इससे लोगों को दैनिक यात्रा के लिए सार्वजनिक परिवहन तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

ड्राफ्ट पॉलिसी पर विभिन्न विभागों और स्टेकहोल्डर्स के सुझाव लिए गए, जिन्हें आगे नीति तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है।

संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

ओडिशा सरकार की इस पहल में केवल परिवहन से जुड़े बुनियादी ढांचे पर ही नहीं, बल्कि उसे संचालित करने वाली संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।

शहरी परिवहन व्यवस्था में अलग-अलग विभाग और एजेंसियां शामिल होती हैं। ऐसे में उनके बीच समन्वय बेहतर बनाना क्षेत्रीय परिवहन योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

प्रस्तावित फ्रेमवर्क में टिकाऊ शहरी परिवहन के लिए संस्थागत तंत्र को मजबूत करने के उपाय भी शामिल किए जाएंगे। इससे भविष्य में योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी के लिए स्पष्ट व्यवस्था विकसित की जा सकेगी।

विजन 2036 और विजन 2047 से जुड़ी पहल

राज्य सरकार ने इस पहल को ओडिशा विजन 2036 और विजन 2047 के दीर्घकालीन लक्ष्यों के अनुरूप बताया है। इन लक्ष्यों के तहत राज्य में आर्थिक विकास के साथ आधुनिक और टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है।

BKPPER के लिए तैयार होने वाला मोबिलिटी फ्रेमवर्क इसी दीर्घकालीन योजना का हिस्सा होगा। भुवनेश्वर, कटक, पुरी और पारादीप के बीच बेहतर परिवहन संपर्क आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन, रोजगार और शहरी विकास को भी प्रभावित कर सकता है।

फिलहाल ADB की शुरुआती रिपोर्ट पर विभिन्न विभागों और हितधारकों के सुझाव लिए जा रहे हैं। इन सुझावों के आधार पर व्यापक क्षेत्रीय मोबिलिटी प्लान, बस सेवा परिवर्तन रोडमैप और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी को आगे बढ़ाया जाएगा। इसका लक्ष्य ओडिशा में भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एक सुव्यवस्थित, सुलभ और टिकाऊ शहरी परिवहन व्यवस्था विकसित करना है।

Tags: