भुवनेश्वर/गजपति। चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का असर ओडिशा में लगातार देखने को मिल रहा है। भारी बारिश के कारण राज्य के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। गंजाम और गजपति जिले की सीमा पर स्थित तप्तपानी घाट में पालुखोला के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-326 का एक हिस्सा पानी में डूब गया है। पहाड़ियों से तेज बहाव के साथ उतर रहे कीचड़युक्त पानी ने सड़क को जलमग्न कर दिया है। इसके चलते वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई और सड़क के दोनों ओर कई वाहन फंस गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
पहाड़ियों से उतर रहे पानी ने बढ़ाई मुश्किलें
जानकारी के अनुसार, चक्रवात अर्नब के प्रभाव से गंजाम और गजपति जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है। बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों से बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर बह रहा है। इस पानी के साथ मिट्टी और कीचड़ भी सड़क तक पहुंच रहा है, जिससे तप्तपानी घाट के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-326 का प्रभावित हिस्सा जलमग्न हो गया।
तप्तपानी घाट पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इस सड़क का उपयोग आसपास के इलाकों में आवागमन के लिए किया जाता है। लेकिन भारी बारिश और तेज बहाव के चलते यहां से गुजरना खतरनाक हो गया है।
सड़क पर पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों को आगे बढ़ने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से घाट वाले हिस्से में पानी का तेज बहाव सड़क पार करने वाले वाहनों के लिए जोखिम पैदा कर रहा है।
सड़क के दोनों ओर फंसे वाहन, यातायात प्रभावित
राष्ट्रीय राजमार्ग-326 पर जलभराव होने से वाहनों की लंबी कतार लगने की स्थिति पैदा हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, कई वाहन सड़क के दोनों ओर फंसे हुए हैं और चालक पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं।
भारी बारिश के दौरान घाटी की सड़कों पर यात्रा करना पहले से ही चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में सड़क पर कीचड़युक्त पानी का तेज बहाव खतरे को और बढ़ा देता है।
वाहन चालकों के लिए यह अनुमान लगाना कठिन हो सकता है कि सड़क पर पानी की वास्तविक गहराई कितनी है। इसके अलावा तेज बहाव के कारण सड़क की सतह को नुकसान पहुंचने की भी आशंका रहती है।
यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित मार्ग पर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
लेडाबंधा पुल पर भी बढ़ा जलस्तर, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
तप्तपानी घाट में जलभराव के बीच गजपति जिले के लुहागुडी-मोहना मार्ग पर स्थित लेडाबंधा पुल के पास भी जलस्तर बढ़ने की खबर सामने आई है।
लगातार बारिश के कारण पुल के आसपास पानी का बहाव तेज हो गया है। संभावित खतरे को देखते हुए गजपति पुलिस ने यातायात संबंधी एडवाइजरी जारी की है।
पुलिस ने जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रभावित पुल के पास बैरिकेड लगा दिए हैं। इसके साथ ही वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजने की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन की ओर से वाहनों को चांदीपुट के रास्ते डायवर्ट किया गया है, ताकि यात्रियों को जलभराव वाले रास्ते से गुजरने का जोखिम न उठाना पड़े।
चांदीपुट के रास्ते डायवर्ट किया गया ट्रैफिक
गजपति पुलिस ने प्रभावित सड़क पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था लागू की है।
लेडाबंधा पुल के पास जलस्तर बढ़ने के बाद संबंधित मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को चांदीपुट की ओर मोड़ा जा रहा है।
पुलिस की इस व्यवस्था का उद्देश्य संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।
वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड और यातायात संकेतों का पालन करें। जलभराव वाले पुल या सड़क को पार करने का प्रयास न करें।
ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
चक्रवात अर्नब के प्रभाव से दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी सहित संवेदनशील जिलों के लिए चेतावनी जारी की थी।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर को कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई थी।
राज्य सरकार ने प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में बचाव तथा राहत व्यवस्थाओं को मजबूत किया है। निचले इलाकों और भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान भी चलाया गया है।
31 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
चक्रवात के खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने व्यापक स्तर पर एहतियाती कदम उठाए हैं। बुधवार तक राज्य के सात जिलों से 31 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है।
प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैनात किया गया है। प्रशासन विशेष रूप से निचले इलाकों, पहाड़ी क्षेत्रों और भूस्खलन की आशंका वाले मार्गों पर नजर रख रहा है।
मलकानगिरी, गजपति, गंजाम, रायगड़ा और कोरापुट जैसे जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन का खतरा
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका भी बढ़ गई है। गंजाम और गजपति जिले के घाट क्षेत्रों में पानी के तेज बहाव के साथ मिट्टी और पत्थरों के सड़क पर आने का खतरा बना रहता है।
इसी आशंका के कारण प्रशासन ने कुछ संवेदनशील मार्गों पर पहले से प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं। गंजाम और कंधमाल को जोड़ने वाले गजलाबाड़ी घाट मार्ग को भी भूस्खलन की आशंका के मद्देनजर बंद किया गया था।
यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
चक्रवात अर्नब के कारण उत्पन्न हालात के बीच यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की यातायात एडवाइजरी के अनुसार ही यात्रा करने और प्रभावित मार्गों से बचने की सलाह दी जा रही है।
विशेष रूप से घाटी, पुल और नदी-नालों के आसपास से गुजरने वाले वाहन चालकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-326 पर जलभराव की घटना ने भारी बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर आवागमन के जोखिम को उजागर किया है। फिलहाल प्रभावित इलाकों में मौसम की स्थिति और जलस्तर पर निगरानी रखना बेहद जरूरी है।