मुंबई : मुलुंड पुलिस ने पंजाब के एक 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि युवक ने स्नैपचैट के जरिए एक 23 वर्षीय महिला से दोस्ती की, वीडियो कॉल के दौरान उसका आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में कथित तौर पर उसे वायरल करने की धमकी देकर पैसे ऐंठने की कोशिश की।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंजाब निवासी सतनाम मनदीप सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को तकनीकी जांच के आधार पर पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले के कोटपुरा रोड इलाके से गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।
स्नैपचैट से शुरू हुई थी बातचीत
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़ित महिला मूल रूप से महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले की रहने वाली है। वह मुंबई में केयरगिवर के तौर पर काम करती है और मुलुंड वेस्ट स्थित एलबीएस रोड इलाके में अपने रिश्तेदारों के साथ रहती है।
महिला ने शिकायत में बताया कि 14 जुलाई को उसे स्नैपचैट पर "Arush iwant" नाम के अकाउंट से एक मैसेज मिला था। शुरुआत में आरोपी ने उसे सिर्फ "Hi" लिखा था। महिला ने जवाब दिया, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई।
धीरे-धीरे दोनों की पहचान दोस्ती में बदल गई और बातचीत लगातार होने लगी। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान आरोपी ने महिला से वीडियो कॉल पर बात करनी शुरू की।
वीडियो कॉल रिकॉर्ड करने का आरोप
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने वीडियो कॉल के दौरान महिला की जानकारी के बिना कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद आरोपी ने उस वीडियो का इस्तेमाल महिला पर दबाव बनाने के लिए किया।
आरोप है कि आरोपी ने वीडियो को लेकर महिला से पैसे की मांग की। महिला को जब इस मामले में परेशानी हुई तो उसने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।
मुलुंड पुलिस ने दर्ज की FIR
महिला की शिकायत के आधार पर मुलुंड पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी की पहचान और उसके ठिकाने का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच का सहारा लिया।
ईस्टर्न रीजन III के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस अभय सिंह देशमुख ने बताया कि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद आरोपी की लोकेशन पंजाब में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
तकनीकी जांच से पहुंची पुलिस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन अपराधों में आरोपियों तक पहुंचने के लिए डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस मामले में भी पुलिस ने तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी का पता लगाया।
जांच टीम अब आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने इससे पहले किसी अन्य व्यक्ति को भी इसी तरह निशाना बनाया था या नहीं।
साइबर अपराध से बचने की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी अनजान व्यक्ति से दोस्ती करते समय सावधानी बरतें। ऑनलाइन बातचीत के दौरान निजी जानकारी या निजी वीडियो साझा करने से बचना चाहिए।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया पर बढ़ती दोस्ती और वीडियो कॉल के जरिए लोगों को फंसाने के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में पीड़ितों को डरने के बजाय तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करना चाहिए।
आरोपी से पूछताछ जारी
फिलहाल पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस कथित अपराध में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
पुलिस डिजिटल सबूतों के आधार पर मामले की आगे की कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।
यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने और डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूक रहने की जरूरत को सामने लाता है। ऑनलाइन दोस्ती के दौरान निजी जानकारी साझा करने से पहले सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।