वॉचमैन ने समझा भिखारी, धक्का देकर भगाया... सामने थे 5000 करोड़ वाले MLA
VIP जिंदगी छोड़ भिखारी बने पराग शाह, एक दिन में मिला बड़ा सबक
Mumbai मुंबई। महाराष्ट्र के भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक पराग शाह इन दिनों अपने एक अनोखे प्रयोग को लेकर चर्चा में हैं। राज्य के सबसे अमीर विधायकों में शामिल पराग शाह ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था, लग्जरी कार और महंगे कपड़ों को छोड़कर एक दिन आम भिखारी की तरह बिताया। बताया जा रहा है कि उन्होंने मुंबई के घाटकोपर इलाके की सड़कों पर भिखारी के कपड़े पहनकर समय बिताया। इस दौरान उन्होंने लोगों के व्यवहार को करीब से देखा और गरीबी में जीवन जीने वाले लोगों की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की। पराग शाह ने इस अनुभव को अपनी जिंदगी का अलग अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें समाज के उस हिस्से की वास्तविक स्थिति समझने का मौका मिला, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।
सुरक्षा और पहचान छोड़कर बदला रूप
पराग शाह महाराष्ट्र के चर्चित नेताओं में से एक हैं और उनकी संपत्ति को लेकर भी अक्सर चर्चा होती रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति करीब 5000 करोड़ रुपये बताई जाती है। इतनी बड़ी आर्थिक हैसियत रखने वाले विधायक ने जब सामान्य व्यक्ति की तरह सड़क पर समय बिताने का फैसला किया तो उन्होंने अपनी पहचान पूरी तरह छिपा ली। उन्होंने महंगे कपड़ों की जगह साधारण कपड़े पहने और सुरक्षा घेरे से दूर रहकर आम इंसान की जिंदगी को महसूस करने का प्रयास किया।
अपने ही वॉचमैन ने नहीं पहचाना
पराग शाह ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि जब वह अपने घर के पास पहुंचे तो वहां मौजूद वॉचमैन ने उन्हें पहचान नहीं पाया। उन्होंने बताया कि भिखारी के रूप में देखकर उनके ही सुरक्षा कर्मचारी ने उन्हें रोक दिया और बाहर जाने को कहा। शाह के मुताबिक, यह अनुभव उनके लिए काफी अलग था क्योंकि जिन लोगों के बीच वह रोज रहते हैं, वे भी बदले हुए रूप में उन्हें पहचान नहीं पाए।
दोस्त ने भी कर दिया दूर
विधायक ने बताया कि इस दौरान उनके एक दोस्त ने भी उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनका दोस्त हमेशा जरूरतमंद लोगों की मदद करता है, लेकिन जब वही व्यक्ति भिखारी के रूप में सामने आया तो वह पहचान नहीं सका। इस घटना ने उन्हें यह महसूस कराया कि समाज में किसी व्यक्ति की पहचान अक्सर उसके पहनावे और दिखावे से जोड़ दी जाती है।
आध्यात्मिक सलाह पर किया प्रयोग
जानकारी के मुताबिक, पराग शाह ने यह अनुभव एक धर्मगुरु की सलाह के बाद किया। इसका उद्देश्य जीवन के वास्तविक पहलुओं को समझना और समाज के कमजोर वर्गों के अनुभवों को महसूस करना था। उन्होंने कहा कि इस पूरे अनुभव ने उन्हें सोचने का नया नजरिया दिया। सड़क पर रहने वाले लोगों की परेशानियां, लोगों का व्यवहार और उनकी दैनिक चुनौतियों को उन्होंने करीब से महसूस किया।
सामाजिक संदेश देने की कोशिश
पराग शाह के इस प्रयोग को लोग अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। कुछ लोग इसे समाज के गरीब वर्ग की स्थिति समझने की कोशिश बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे केवल एक व्यक्तिगत अनुभव के रूप में देख रहे हैं। विधायक का कहना है कि इस अनुभव ने उन्हें जीवन की वास्तविकताओं को समझने में मदद की और यह एहसास कराया कि इंसान की पहचान केवल उसके धन या पद से नहीं होनी चाहिए।