Maharashtra. महाराष्ट्र। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल के प्रस्तावित आंदोलन के बीच कांग्रेस सांसद चंद्रकांत हंडोरे ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा OBC आरक्षण को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाना चाहिए और इसमें किसी भी तरह की कटौती या बदलाव नहीं होना चाहिए। चंद्रकांत हंडोरे ने कहा कि मराठा समुदाय के गरीब और जरूरतमंद छात्रों के लिए अलग से आरक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से मराठा समुदाय अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है और सरकार की ओर से आश्वासन दिए जाते रहे हैं।
OBC आरक्षण में बदलाव नहीं करने की मांग
कांग्रेस सांसद ने कहा कि OBC समुदाय को मिलने वाले आरक्षण में किसी भी प्रकार की कमी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था को बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए बनाई गई व्यवस्था में संतुलन बनाए रखना जरूरी है, ताकि किसी भी समुदाय के अधिकार प्रभावित न हों।
मराठा समुदाय के लिए अलग व्यवस्था की मांग
चंद्रकांत हंडोरे ने कहा कि मराठा समुदाय के जो गरीब और जरूरतमंद छात्र हैं, उनके लिए सरकार को अलग से प्रावधान करने चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक और शैक्षणिक रूप से कमजोर छात्रों को अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
मनोज जरांगे पाटिल की मांगों का जिक्र
कांग्रेस सांसद ने कहा कि मराठा समुदाय की मांगें पिछले तीन वर्षों से लंबित हैं। सरकार की ओर से लगातार आश्वासन दिए गए, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से मनोज जरांगे पाटिल अपनी मांगों को लेकर मुंबई पहुंचे हैं। आंदोलन के जरिए वह सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
महाराष्ट्र में आरक्षण मुद्दे पर बढ़ी चर्चा
मराठा आरक्षण महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से एक प्रमुख मुद्दा रहा है। समुदाय की ओर से शिक्षा और रोजगार में आरक्षण की मांग उठाई जाती रही है। वहीं OBC संगठनों की ओर से भी अपने आरक्षण अधिकारों को सुरक्षित रखने की मांग की जाती रही है। इसी कारण आरक्षण को लेकर राज्य में राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है।
सरकार से समाधान की अपील
चंद्रकांत हंडोरे ने कहा कि सरकार को सभी समुदायों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए जिससे किसी भी वर्ग के अधिकार प्रभावित न हों। मनोज जरांगे पाटिल के आंदोलन को लेकर अब राज्य सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आने वाले दिनों में आरक्षण मुद्दे पर महाराष्ट्र की राजनीति और तेज होने की संभावना है।