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मोदी के साथ पढ़ने वाला दोस्त मुस्लिम निकला

SHIDDHANT
16 Sept 2026 9:46 PM IST
मोदी के साथ पढ़ने वाला दोस्त मुस्लिम निकला
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सहपाठी से मिलने के बाद करोड़ों की जमीन खाली कराई मोदी ने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्कूल के दिनों के साथी असगर अली वोरा इन दिनों सुर्खियों में हैं। असगर अली और नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में साथ पढ़ाई की थी। दोनों की दोस्ती स्कूल के समय से बताई जाती है। 81 वर्षीय असगर अली वोरा ने हाल ही में पीएम मोदी से मुलाकात कर अपनी जमीन से जुड़े विवाद की जानकारी दी थी। मुलाकात के बाद उनकी भायंदर स्थित जमीन मामले में नया मोड़ आया और समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ी। उनकी और पीएम मोदी की पुरानी दोस्ती चर्चा का विषय बनी हुई है।

Mumbai मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचपन के स्कूल साथी असगर अली वोरा से जुड़े जमीन विवाद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भायंदर में करीब 2810 वर्ग मीटर जमीन को लेकर चल रहे विवाद में भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और निर्माण अनुमति वापस करने की बात कही है। जानकारी के मुताबिक, असगर अली वोरा ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर अपनी जमीन पर कथित कब्जे की शिकायत की थी। इसके कुछ दिनों बाद ही मामले में समझौते की बात सामने आई है।


पूरा विपक्ष सहित राहुल गांधी ने PM मोदी की पढ़ाई को लेकर बार-बार सवाल उठाया था कि मोदी के शिक्षा के दौरान कोई एक सहयोगी या कोई एक शिक्षक ऐसा नहीं मिलता जो मोदी को पढ़ाए हो, लेकिन असगर अली जो हाल ही में मोदी जी से मुलाकात कर अपनी समस्या का निवारण किये वह प्रधानमंत्री मोदी के स्कूल का सहयोगी निकला और वह मूसली, है अब राहुल गांधी समेत पूरे विपक्ष की बोलती बंद, अब मोदी की
शिक्षा पर विराम

81 साल पुराने स्कूल साथी ने पीएम मोदी से की थी मुलाकात
मीरा रोड निवासी 81 वर्षीय असगर अली वोरा ने गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पढ़ाई की थी। दोनों के बीच स्कूल के समय से परिचय बताया जाता है। वोरा ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान भायंदर ईस्ट के नवघर इलाके में स्थित अपनी जमीन को लेकर शिकायत रखी थी। उनका आरोप था कि करीब 2810 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा किया गया है।
15 साल से चल रहा था विवाद
असगर अली वोरा के अनुसार, उन्होंने वर्ष 1989 में यह जमीन खरीदी थी। उनका दावा था कि वर्ष 2011 में इस प्लॉट पर बिल्डर कंपनी द्वारा कब्जा कर लिया गया। उन्होंने बताया था कि पिछले करीब 15 वर्षों से वह इस मामले को लेकर अलग-अलग सरकारी विभागों के चक्कर लगा रहे थे। कई स्तरों पर शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हो पाया था।
विधायक ने कब्जा छोड़ने की कही बात
मामले में भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने कहा कि वह विवादित जमीन का कब्जा छोड़ रहे हैं। उन्होंने प्लॉट पर निर्माण के लिए मिली मंजूरी वापस करने की बात भी कही है। बताया जा रहा है कि विधायक ने टाउन प्लानिंग विभाग को पत्र देकर निर्माण अनुमति सरेंडर करने की जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने असगर अली वोरा के खिलाफ पहले की गई शिकायत वापस लेने का भी फैसला किया है।
बैठक में हुई समाधान की पहल
जानकारी के अनुसार, मंत्रालय में मामले को लेकर एक बैठक आयोजित की गई थी। इसमें असगर अली वोरा, विधायक नरेंद्र मेहता, मीरा-भायंदर नगर निगम के अधिकारी और टाउन प्लानिंग विभाग के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। इसके बाद विधायक की ओर से जमीन छोड़ने और शिकायत वापस लेने की बात सामने आई।
विधायक ने बताई जमीन खरीद की बात
नरेंद्र मेहता ने अपने पत्र में कहा कि यह जमीन वर्ष 2019 में मर्विन फर्नांडीस से खरीदी गई थी। उन्होंने पुलिस आयुक्त को भी पत्र लिखकर असगर अली वोरा के खिलाफ पहले की गई शिकायत वापस लेने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद यह कदम उठाया जा रहा है।
विवाद के बाद अब समझौते की स्थिति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्कूल साथी असगर अली वोरा का यह मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा में आया था। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने की बात कही जा रही है। जमीन विवाद को लेकर आगे की प्रक्रिया संबंधित विभागों के स्तर पर पूरी की जाएगी।
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