पुणे। महाराष्ट्र के पुणे स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज (BJ Medical College) हॉस्टल परिसर में बुधवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। यहां करीब 50 फीट ऊंचे पुराने पानी के टैंक को गिराने के दौरान अचानक ढांचा ढह गया, जिसमें एक कर्मचारी मलबे के नीचे दब गया।
हादसा सुबह करीब 3 बजे हुआ, जब महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (Maharashtra Jeevan Pradhikaran) की टीम कथित रूप से जर्जर हालत में पहुंच चुके पानी के टैंक को हटाने का काम कर रही थी। इसी दौरान टैंक का ढांचा अचानक गिर गया और मौके पर मौजूद एक कर्मचारी इसकी चपेट में आ गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुणे फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद कर्मचारी को मलबे से बाहर निकाला गया। हादसे में कर्मचारी गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है।
अचानक ढह गया पानी का टैंक
जानकारी के अनुसार, बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल परिसर में स्थित करीब 50 फीट ऊंचे पानी के टैंक को हटाने का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि टैंक की स्थिति खराब होने के कारण उसे गिराने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
काम के दौरान अचानक पूरा ढांचा असंतुलित होकर गिर गया। टैंक गिरते ही आसपास मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।
एक कर्मचारी मलबे के नीचे फंस गया, जिसके बाद तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
फायर ब्रिगेड ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुणे फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। बचाव दल ने स्थिति का जायजा लेने के बाद सावधानीपूर्वक मलबा हटाने का काम शुरू किया।
फायर ब्रिगेड के जवानों ने मलबे में फंसे कर्मचारी से संपर्क बनाए रखा ताकि उसकी स्थिति का पता लगाया जा सके और उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बोल्ट कटर, स्प्रेडर, गैंती, फावड़े और रस्सियों जैसे उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। टीम ने काफी सावधानी के साथ मलबे को हटाया ताकि अंदर फंसे व्यक्ति को और नुकसान न पहुंचे।
कई घंटे चला बचाव अभियान
मलबे में दबे कर्मचारी को निकालना आसान नहीं था। भारी ढांचे और लोहे के हिस्सों के कारण बचाव दल को काफी सतर्कता बरतनी पड़ी।
फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने धीरे-धीरे मलबे को हटाकर फंसे हुए कर्मचारी तक पहुंच बनाई। इसके बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया और इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
कर्मचारी की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
हादसे के कारणों की जांच शुरू
हादसे के बाद संबंधित विभागों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि टैंक गिराने के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि टैंक की स्थिति कितनी खराब थी और उसे हटाने के लिए किस तरह की प्रक्रिया अपनाई जा रही थी।
इसके अलावा काम में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था और मौके पर मौजूद तकनीकी टीम की भूमिका की भी समीक्षा की जा सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े कामों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने और बड़े ढांचों को गिराने से पहले तकनीकी निरीक्षण, सुरक्षा योजना और प्रशिक्षित कर्मचारियों की मौजूदगी जरूरी होती है।
ऐसे कार्यों में छोटी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
हॉस्टल परिसर में मचा हड़कंप
घटना के समय हॉस्टल परिसर में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। अचानक तेज आवाज के साथ टैंक गिरने से आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
मलबा हटाने और बचाव कार्य के दौरान इलाके में काफी देर तक गतिविधियां जारी रहीं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
घायल कर्मचारी के इलाज पर नजर
मलबे से निकाले गए कर्मचारी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसकी हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
परिजनों और संबंधित विभाग को घटना की जानकारी दे दी गई है।
आगे की कार्रवाई
प्रशासन अब हादसे की पूरी रिपोर्ट तैयार कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि पानी का टैंक गिरने के दौरान कौन-कौन सी तकनीकी और सुरक्षा प्रक्रियाएं अपनाई गई थीं।
फिलहाल प्राथमिकता घायल कर्मचारी के इलाज और उसकी हालत में सुधार पर है।
पुणे के बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में हुआ यह हादसा पुराने ढांचों को हटाने के दौरान सुरक्षा सावधानियों के महत्व को एक बार फिर सामने लाता है।