महाराष्ट्र : भिवंडी शहर में डेढ़ दिन के गणेशोत्सव के दौरान मंगलवार को गणेश प्रतिमा विसर्जन का पहला चरण शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। सिविक प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से कुल 3,719 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। प्रशासन की ओर से प्राकृतिक घाटों और कृत्रिम तालाबों पर की गई व्यवस्थाओं के कारण विसर्जन प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हुई।
गणेशोत्सव के दौरान भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए नगर प्रशासन ने पहले से ही विशेष तैयारियां की थीं। शहर के पांच सिविक प्रशासनिक डिवीजनों से श्रद्धालुओं ने विसर्जन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इस दौरान सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और घाटों पर सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
प्राकृतिक घाटों पर सबसे ज्यादा प्रतिमाओं का विसर्जन
नगर प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, कुल 3,719 प्रतिमाओं में से 3,411 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन प्राकृतिक विसर्जन घाटों पर किया गया। वहीं, 308 प्रतिमाओं का विसर्जन नगर प्रशासन की ओर से बनाए गए कृत्रिम तालाबों में किया गया।
प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की थी। इससे श्रद्धालुओं को वैकल्पिक विसर्जन स्थल उपलब्ध हुआ और प्राकृतिक जल स्रोतों पर दबाव कम करने में मदद मिली।
प्रभाग समिति संख्या 1 में 640 प्रतिमाओं का विसर्जन
सिविक आंकड़ों के अनुसार, भिवंडी की प्रभाग समिति संख्या 1 में कुल 640 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इनमें 637 प्रतिमाओं का विसर्जन प्राकृतिक घाटों पर हुआ, जबकि तीन प्रतिमाओं को कृत्रिम तालाब में विसर्जित किया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सभी निर्धारित स्थानों पर कर्मचारियों और सुरक्षा टीमों की तैनाती की गई थी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों पर आवश्यक इंतजाम किए गए थे।
प्रशासन ने किए थे विशेष इंतजाम
गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर भिवंडी नगर प्रशासन ने पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। विसर्जन स्थलों पर साफ-सफाई, रोशनी, सुरक्षा व्यवस्था और सहायता केंद्र बनाए गए थे।
इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी विशेष योजना तैयार की गई थी। पुलिस और प्रशासनिक टीमों ने पूरे आयोजन के दौरान निगरानी रखी।
पांच डिवीजनों के भक्त हुए शामिल
डेढ़ दिन के गणेशोत्सव विसर्जन में शहर के पांच सिविक प्रशासनिक डिवीजनों के भक्तों ने हिस्सा लिया। श्रद्धालु पारंपरिक तरीके से गणपति बप्पा की प्रतिमाओं को विसर्जन स्थलों तक लेकर पहुंचे।
भक्तों ने ढोल-नगाड़ों और धार्मिक जयकारों के साथ गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया। प्रशासन की ओर से व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की गई।
पर्यावरण को ध्यान में रखकर कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था
हर साल गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कई शहरों में कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की जाती है।
भिवंडी में भी नगर प्रशासन ने कृत्रिम तालाब तैयार किए थे, ताकि श्रद्धालु आसानी से विसर्जन कर सकें और जल प्रदूषण को कम किया जा सके।
शांतिपूर्ण आयोजन से प्रशासन ने ली राहत
डेढ़ दिन के गणेशोत्सव के पहले चरण का विसर्जन शांतिपूर्ण तरीके से पूरा होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं के सहयोग से पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।
प्रशासन अब आने वाले बड़े विसर्जन कार्यक्रमों के लिए भी तैयारियों में जुटा है। अधिक संख्या में प्रतिमाओं के विसर्जन को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
भिवंडी में गणेशोत्सव के पहले विसर्जन चरण में 3,719 प्रतिमाओं का शांतिपूर्ण विसर्जन इस बात का संकेत है कि प्रशासन और श्रद्धालुओं के बेहतर तालमेल से बड़े धार्मिक आयोजनों को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सकता है।