CCI का फूड लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद दोबारा जांच में 98% कंप्लायंस स्कोर का दावा
मुंबई। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की कार्रवाई के बाद क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (CCI) ने दावा किया है कि दोबारा हुई जांच में उसे खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के पालन में 98 प्रतिशत कंप्लायंस स्कोर मिला है। फूड सेफ्टी नियमों के गंभीर उल्लंघन के आरोपों के बाद FDA ने हाल ही में क्लब का फूड बिजनेस लाइसेंस निलंबित कर दिया था। इसके करीब एक सप्ताह बाद हुई पुन: जांच के परिणाम को लेकर क्लब ने अपने सदस्यों को जानकारी दी है।
CCI की ओर से सोमवार को सदस्यों को भेजे गए संदेश में बताया गया कि क्लब में दोबारा निरीक्षण पूरा कर लिया गया है और जांच के दौरान उसे 98% कंप्लायंस स्कोर प्राप्त हुआ है। क्लब ने यह भी कहा है कि स्थिति को लेकर अंतिम जानकारी मंगलवार के अंत तक सदस्यों के साथ साझा की जाएगी।
क्लब की ओर से जारी संदेश में कहा गया, "हमें आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आज दोबारा जांच की गई, जिसके बाद क्लब को 98% कंप्लायंस स्कोर मिला है। अंतिम जानकारी कल दिन के अंत तक सदस्यों को दे दी जाएगी।" इस संदेश के बाद क्लब के सदस्यों के बीच राहत की भावना देखी जा रही है।
मामला तब सामने आया जब महाराष्ट्र FDA ने CCI के फूड ऑपरेशन का निरीक्षण किया था और खाद्य सुरक्षा तथा साफ-सफाई से जुड़े नियमों के उल्लंघन पाए जाने के बाद कार्रवाई की थी। FDA की ओर से फूड बिजनेस लाइसेंस को निलंबित किए जाने के बाद क्लब की खाद्य सेवाओं और रसोई व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे।
खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर होटल, रेस्तरां, क्लब और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां भोजन तैयार करने, रखने और परोसने के दौरान निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में विभाग जुर्माना लगाने से लेकर लाइसेंस निलंबित करने तक की कार्रवाई कर सकता है।
CCI देश के प्रतिष्ठित क्लबों में से एक है और यहां बड़ी संख्या में सदस्य आते हैं। क्लब में आयोजित होने वाली सामाजिक गतिविधियों और यहां उपलब्ध सुविधाओं के कारण खाद्य सेवाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में फूड लाइसेंस के निलंबन की खबर के बाद क्लब प्रबंधन पर जल्द सुधारात्मक कदम उठाने का दबाव था।
क्लब प्रबंधन ने FDA की कार्रवाई के बाद सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने का दावा किया था। दोबारा जांच में बेहतर स्कोर मिलने की जानकारी इसी प्रयास का हिस्सा बताई जा रही है। हालांकि, अभी FDA की ओर से आधिकारिक अंतिम पुष्टि सामने नहीं आई है।
98 प्रतिशत कंप्लायंस स्कोर का दावा यह संकेत देता है कि निरीक्षण के दौरान क्लब की खाद्य व्यवस्था में पहले की तुलना में काफी सुधार पाया गया। हालांकि, खाद्य सुरक्षा मानकों में पूरी तरह अनुपालन बनाए रखना लगातार चलने वाली प्रक्रिया है और इसके लिए नियमित निगरानी आवश्यक होती है।
क्लब के सदस्यों की नजर अब मंगलवार को जारी होने वाली अंतिम जानकारी पर है। वे जानना चाहते हैं कि FDA की ओर से लाइसेंस निलंबन हटाने या आगे की कार्रवाई को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है। क्लब प्रशासन की ओर से भी उम्मीद जताई जा रही है कि सुधारात्मक कदमों के आधार पर खाद्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी रह सकेंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्रतिष्ठित संस्थान के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी आवश्यकता नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं और सदस्यों के विश्वास से जुड़ा विषय होता है। ऐसे मामलों में पारदर्शिता और समय पर सुधारात्मक कार्रवाई संस्थान की छवि बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
CCI का मामला इस बात को भी रेखांकित करता है कि बड़े संस्थानों में भी खाद्य सुरक्षा नियमों की नियमित समीक्षा और अनुपालन जरूरी है। रसोई की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री का सुरक्षित भंडारण, कर्मचारियों की स्वच्छता और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया जैसे पहलुओं पर लगातार ध्यान देना आवश्यक होता है।
फिलहाल क्लब ने दोबारा जांच में 98% कंप्लायंस स्कोर मिलने का दावा किया है, जबकि अंतिम निर्णय और आधिकारिक स्थिति FDA की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। मंगलवार तक मिलने वाली जानकारी से यह साफ हो सकेगा कि CCI का फूड बिजनेस लाइसेंस दोबारा बहाल होगा या आगे किसी अन्य प्रक्रिया का पालन करना पड़ेगा।