खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में चोरी के आरोप में एक युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट करने और उसे रस्सी से बांधकर गांव में घुमाने का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वीडियो में कथित तौर पर कुछ लोग एक युवक को रस्सी से बांधे हुए दिखाई दे रहे हैं। उसके सिर पर एक भारी संदूक रखा हुआ नजर आ रहा है और उसे गांव में घुमाया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि यह घटना खरगोन जिले के भीकनगांव थाना क्षेत्र के शिवना गांव की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गांव में एक खाली मकान में चोरी की घटना के बाद ग्रामीणों ने युवक को पकड़ लिया था। उस पर मकान से चांदी के आभूषण और नकदी चोरी करने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों ने कथित तौर पर युवक की पिटाई की और बाद में उसे रस्सी से बांधकर गांव में घुमाया।

खाली मकान में चोरी के बाद पकड़े जाने का दावा


जानकारी के मुताबिक, शिवना गांव में एक मकान कुछ समय से खाली था। इसी दौरान घर में चोरी होने की बात सामने आई। आरोप है कि मकान से करीब 1.5 किलोग्राम चांदी के आभूषण और 21 हजार रुपये नकद चोरी किए गए।

चोरी की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने कथित तौर पर युवक को पकड़ लिया। इसके बाद उस पर चोरी का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट की गई। मामला यहीं नहीं रुका। ग्रामीणों ने उसे रस्सी से बांध दिया और कथित तौर पर उसके सिर पर भारी संदूक रखकर गांव में घुमाया।

घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया और तेजी से प्रसारित होने लगा।

वीडियो में दिखा युवक को बांधकर घुमाना

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक युवक दिखाई दे रहा है, जिसे कथित तौर पर रस्सी से बांधा गया है। उसके सिर पर एक संदूक रखा हुआ नजर आ रहा है। आसपास कुछ लोग मौजूद दिखाई देते हैं और युवक को गांव की सड़क पर ले जाते हुए देखा जा सकता है।

वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर लोगों में चर्चा शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस तरह कानून अपने हाथ में लेने की घटना पर सवाल उठाए हैं। चोरी का आरोप कितना सही है और युवक वास्तव में इस वारदात में शामिल था या नहीं, यह जांच का विषय है।

कानून के मुताबिक किसी व्यक्ति पर अपराध का आरोप लगने के बाद उसकी जांच और कार्रवाई पुलिस तथा न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। किसी आरोपी या संदिग्ध के साथ मारपीट करना अथवा उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करना कानून अपने हाथ में लेने की श्रेणी में आ सकता है।

डेढ़ किलो चांदी और 21 हजार रुपये चोरी का आरोप

युवक पर लगाए गए आरोप के मुताबिक, उसने खाली मकान को निशाना बनाते हुए करीब डेढ़ किलो चांदी के आभूषण और 21 हजार रुपये नकद चोरी किए। चोरी किए गए सामान की कुल कीमत कितनी है, इसका सटीक आकलन जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।

पुलिस के लिए अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि मकान से वास्तव में कितना सामान चोरी हुआ था, चोरी की घटना कब हुई और कथित रूप से पकड़े गए युवक की उसमें क्या भूमिका थी। इसके साथ ही युवक के साथ मारपीट और उसे रस्सी से बांधकर गांव में घुमाने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच जरूरी होगी।

पुलिस जांच में जुटी

घटना भीकनगांव थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस मामले की जानकारी जुटाने और घटना के तथ्यों की जांच में जुटी है। पुलिस के सामने अब दो पहलू हैं—पहला, मकान में हुई कथित चोरी की जांच और दूसरा, चोरी के शक में युवक के साथ की गई कथित मारपीट और सार्वजनिक रूप से घुमाने की घटना।

जांच के दौरान पुलिस वीडियो की भी पड़ताल कर सकती है। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान और घटना के वास्तविक स्थान तथा समय की पुष्टि भी महत्वपूर्ण होगी। इसके अलावा युवक से पूछताछ कर चोरी के आरोपों की सच्चाई का पता लगाया जा सकता है।

कानून हाथ में लेने पर उठे सवाल

घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में चोरी या अन्य अपराध के संदेह में भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने की समस्या को सामने ला दिया है। किसी व्यक्ति पर चोरी का आरोप लगना और उसका दोष सिद्ध होना दो अलग-अलग बातें हैं। अपराध साबित करने की जिम्मेदारी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से तय होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी व्यक्ति को केवल आरोप के आधार पर सार्वजनिक रूप से दंडित करना उचित नहीं है। यदि चोरी हुई है तो पुलिस को सूचना देकर कानूनी कार्रवाई कराना ही उचित प्रक्रिया है।

शिवना गांव की घटना में भी अब पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चोरी की वारदात में युवक की वास्तविक भूमिका क्या थी और उसके साथ मारपीट तथा उसे गांव में घुमाने की घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।

वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी चर्चा

सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद घटना ने व्यापक ध्यान खींचा है। वीडियो में युवक की स्थिति और उसके साथ किया जा रहा व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अब पुलिस की जांच पर नजर है।

फिलहाल मामले में चोरी के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। वहीं युवक के साथ कथित मारपीट और उसे रस्सी से बांधकर गांव में घुमाने के मामले में भी पुलिस की कार्रवाई अहम होगी। घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि अपराध के आरोपों से निपटने के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बजाय भीड़ को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति क्यों और कैसे मिली।

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