भोपाल। मध्य प्रदेश में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में दो मॉनसून सिस्टम सक्रिय होने के कारण अगले चार दिनों तक कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) भोपाल के अनुसार सोमवार को प्रदेश के छह जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि मालवा-निमाड़ समेत कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता बढ़ने का भी अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में सक्रिय मौसमी परिस्थितियों के कारण बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना जताई गई है। लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी जा सकती है।

प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बादल और बारिश का असर बना रहेगा। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़ और विदिशा में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण तेज बारिश भी हो सकती है।

इंदौर और उज्जैन संभाग समेत मालवा-निमाड़ क्षेत्र में फिलहाल हल्की बारिश होने की उम्मीद है। इंदौर, धार और उज्जैन सहित आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश हो सकती है। हालांकि इस क्षेत्र में बारिश की तीव्रता पूर्वी हिस्सों की तुलना में कम रहने का अनुमान है।

ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसी तरह जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर भी देखने को मिल सकता है।

सीधी और सिंगरौली में भी बारिश का अनुमान लगाया गया है। वहीं सागर और दमोह में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस तरह प्रदेश के पूर्वी, मध्य और कुछ पश्चिमी हिस्सों में सोमवार को बारिश की गतिविधियां बनी रहने का अनुमान है।

मौसम में आए इस बदलाव की प्रमुख वजह प्रदेश के ऊपरी इलाकों में सक्रिय दो मॉनसून सिस्टम बताए जा रहे हैं। इनके प्रभाव से वातावरण में नमी बनी हुई है और कई इलाकों में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो रही हैं। यही कारण है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में बारिश का दौर पूरी तरह थमने की संभावना कम है।

भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में निचले स्थानों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। लगातार बारिश होने की स्थिति में छोटे नदी-नालों के जलस्तर में भी वृद्धि हो सकती है। ऐसे में नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम से संबंधित स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी होगा।

मॉनसून के इस दौर का असर सड़कों और यातायात पर भी पड़ सकता है। तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम होने और सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों पर भी आवाजाही प्रभावित होने की आशंका रहती है।

किसानों के लिए भी अगले कुछ दिनों का मौसम महत्वपूर्ण रहने वाला है। खेतों में पहले से पर्याप्त नमी वाले क्षेत्रों में लगातार या अत्यधिक बारिश होने पर जलभराव की स्थिति फसलों को प्रभावित कर सकती है। वहीं जिन इलाकों में कम बारिश हुई है, वहां हल्की से मध्यम बारिश फसलों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। किसानों को स्थानीय मौसम की स्थिति के अनुसार कृषि कार्य करने की जरूरत होगी।

प्रदेश में बारिश का वितरण एक समान रहने की संभावना नहीं है। कुछ जिलों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि दूसरे इलाकों में केवल हल्की बूंदाबांदी या मध्यम बारिश देखने को मिलेगी। स्थानीय स्तर पर बादलों की स्थिति के कारण कम दूरी वाले दो क्षेत्रों में भी बारिश की मात्रा अलग-अलग हो सकती है।

विशेष रूप से निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में सोमवार का मौसम महत्वपूर्ण रहेगा। इन छह जिलों में भारी बारिश की संभावना के कारण लोगों को बाहर निकलते समय मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी। अत्यधिक बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है।

वहीं राजधानी भोपाल और आसपास के जिलों में भी मौसम बदला हुआ रहेगा। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़ और विदिशा में बारिश होने से तापमान में गिरावट और वातावरण में नमी बढ़ सकती है। रुक-रुककर बारिश का सिलसिला दिन के अलग-अलग समय पर देखने को मिल सकता है।

महाकौशल क्षेत्र में जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। इनमें वन और पहाड़ी क्षेत्र अधिक होने के कारण तेज बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर परेशानी उत्पन्न हो सकती है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बारिश का यह दौर केवल सोमवार तक सीमित नहीं रहेगा। सक्रिय मॉनसून सिस्टम के प्रभाव से अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है। इस दौरान बारिश की तीव्रता और प्रभावित क्षेत्र बदल सकते हैं।

लोगों को सलाह है कि यात्रा या अन्य बाहरी गतिविधियों से पहले ताजा मौसम पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखें। विशेष रूप से तेज बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों और उफनते नदी-नालों को पार करने से बचना सुरक्षित रहेगा।

फिलहाल मध्य प्रदेश में दो सक्रिय मॉनसून सिस्टम ने बारिश की गतिविधियां बढ़ा दी हैं। सोमवार को छह जिलों में भारी बारिश का अनुमान है, जबकि प्रदेश के बड़े हिस्से में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अगले चार दिनों तक मौसम का यही बदला हुआ मिजाज बने रहने की संभावना है।

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