भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। रविवार को प्रदेश में एक साथ तीन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कई हिस्सों में रुक-रुककर तेज बारिश हुई। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग के साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश के अनेक इलाकों में बादल छाए रहे और अलग-अलग समय पर बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण नदियों, नालों और तालाबों का जलस्तर बढ़ गया। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर और आसपास तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनमें एक कम दबाव का क्षेत्र और एक ट्रफ लाइन भी शामिल है। इन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से वातावरण में बड़ी मात्रा में नमी आ रही है। इसी कारण बादल बन रहे हैं और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ समय तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है।
रविवार को इंदौर और उज्जैन संभाग में बारिश का सबसे अधिक असर देखने को मिला। दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच कई क्षेत्रों में रुक-रुककर पानी बरसता रहा। इन दोनों संभागों के कुछ हिस्सों में मौजूदा मानसून के दौरान अपेक्षाकृत कम बारिश दर्ज की गई थी। ऐसे में ताजा बारिश से जलस्रोतों और खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि कम समय में अधिक बारिश होने की स्थिति में खेतों में जलभराव और फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है।
ग्वालियर संभाग के कुछ इलाकों में भी बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में मानसून की सक्रियता बढ़ने से कई स्थानों पर मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट महसूस की गई। वहीं, लगातार या तेज बारिश वाले क्षेत्रों में सड़क यातायात प्रभावित हुआ। ग्रामीण मार्गों पर नालों का पानी आने और कच्ची सड़कों पर कीचड़ होने से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी।
बारिश के बाद कई स्थानों पर छोटी नदियां और बरसाती नाले उफान पर आ गए। तालाबों और अन्य जलस्रोतों के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई। ऐसे हालात में प्रशासन और स्थानीय निकायों को निचले क्षेत्रों तथा जलभराव वाले स्थानों पर नजर बनाए रखने की जरूरत है। लोगों को उफनते नालों, पुल-पुलियों और पानी से भरी सड़कों को पार नहीं करने की सलाह दी गई है। पानी का बहाव सामान्य दिखाई देने के बावजूद उसकी गहराई और गति खतरनाक हो सकती है।
सोमवार के पूर्वानुमान में उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और श्योपुर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों में कहीं-कहीं तेज बौछारों के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता अधिक रह सकती है, इसलिए स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, कम दबाव के क्षेत्र और ट्रफ के प्रभाव से नमी का प्रवाह बना हुआ है। मानसून ट्रफ की स्थिति में बदलाव होने पर बारिश का क्षेत्र और तीव्रता भी बदल सकती है। यही कारण है कि किसी जिले में तेज बारिश होने के साथ उसके आसपास के इलाके में केवल बूंदाबांदी या हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग नियमित रूप से रडार और उपग्रह से मिल रहे आंकड़ों के आधार पर पूर्वानुमान को अपडेट कर रहा है।
इस बारिश से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। जिन इलाकों में लंबे समय से पर्याप्त पानी नहीं बरसा था, वहां खेतों की नमी बढ़ने से सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को फायदा हो सकता है। हालांकि तेज हवा, लगातार बारिश या खेतों में पानी जमा होने से फसल प्रभावित भी हो सकती है। किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखने और कृषि विभाग की सलाह के अनुसार काम करने को कहा गया है।
शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों के लिए जल निकासी व्यवस्था बड़ी चुनौती बन सकती है। भारी बारिश के दौरान नालियां जाम होने से सड़कों, कॉलोनियों और अंडरपास में पानी भरने की आशंका रहती है। वाहन चालकों को बारिश के समय गति नियंत्रित रखने, जलभराव वाले रास्तों से बचने और दृश्यता कम होने पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बिजली चमकने या गरज के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ के नीचे, बिजली के खंभों और जलस्रोतों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशियों को भी सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। अचानक तेज बारिश होने पर किसी नदी या नाले के बढ़ते जलस्तर को देखने के लिए उसके किनारे जाना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
फिलहाल प्रदेश में सक्रिय तीन मौसम प्रणालियों के कारण बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम की वास्तविक तीव्रता और उसका क्षेत्र प्रणालियों की आगे की दिशा पर निर्भर करेगा। नागरिकों को स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों का पालन करने और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है।