इंदौर: आने वाले त्योहारों के दौरान शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने शनिवार देर रात व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर चलाए गए इस अचानक अभियान में विभिन्न थाना क्षेत्रों की टीमों ने अपराधियों, वारंटियों और असामाजिक तत्वों के ठिकानों पर दबिश दी। अभियान के दौरान कुल 397 लोगों के खिलाफ विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई।
देर रात शुरू हुआ अभियान रविवार सुबह तक चला। इसमें शहर के सभी पुलिस जोन की टीमों के साथ यातायात पुलिस को भी शामिल किया गया। पुलिस ने प्रमुख चौराहों, संवेदनशील इलाकों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और शहर के प्रवेश एवं निकास मार्गों पर वाहनों की जांच की। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सूचीबद्ध अपराधियों और लंबे समय से न्यायालय में उपस्थित नहीं होने वाले वारंटियों की तलाश भी की गई।
अभियान में पुलिस ने 195 से अधिक लंबित वारंट तामील किए। इनमें 46 स्थायी वारंट, 45 गिरफ्तारी वारंट और 104 जमानती वारंट शामिल रहे। स्थायी वारंट वाले कई आरोपियों की पुलिस लंबे समय से तलाश कर रही थी। उनके पुराने पतों और संभावित ठिकानों पर टीमों को भेजा गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लंबित वारंटों की तामील से न्यायालयीन मामलों को आगे बढ़ाने और फरार आरोपियों की धरपकड़ में मदद मिलती है।
सड़क सुरक्षा को लेकर भी अभियान में विशेष सख्ती दिखाई गई। विभिन्न स्थानों पर बैरिकेड लगाकर वाहन चालकों की जांच की गई। ब्रेथ एनालाइजर से की गई जांच में शराब पीकर वाहन चलाने वाले 101 चालक पकड़े गए। उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के अंतर्गत कार्रवाई की गई। यह धारा शराब या नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाने से संबंधित है।
पुलिस ने वाहन चालकों को चेतावनी दी कि नशे की हालत में गाड़ी चलाना उनके साथ सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों के जीवन को भी खतरे में डालता है। त्योहारों के दौरान बाजारों और प्रमुख मार्गों पर भीड़ बढ़ने के कारण ऐसी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसीलिए यातायात पुलिस को प्रमुख मार्गों पर नियमित जांच जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मादक पदार्थों से संबंधित गतिविधियों पर कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो प्रकरण दर्ज किए गए। पुलिस ने संबंधित मामलों में बरामद सामग्री को जब्त कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की। आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद होगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जब्त पदार्थ कहां से लाया गया था और इसकी आपूर्ति किन लोगों तक की जानी थी।
सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में ऐसे नौ मामले दर्ज किए गए। पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने से रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों, सुनसान स्थानों और सड़कों के किनारे स्थित ठिकानों की जांच की। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक रूप से शराब पीने के बाद विवाद, मारपीट और राहगीरों से अभद्रता जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
मल्हारगंज थाना पुलिस ने अवैध शराब से संबंधित चार अलग-अलग मामले दर्ज किए। इस दौरान 80 क्वार्टर देसी शराब जब्त की गई। आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। जब्त शराब के स्रोत तथा उसके संभावित वितरण की जानकारी जुटाई जा रही है। त्योहारों से पहले अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है।
अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने सूचीबद्ध बदमाशों और आदतन अपराधियों के घर पहुंचकर उनकी वर्तमान गतिविधियों की जानकारी भी ली। आपराधिक मामलों में पहले शामिल रहे लोगों को दोबारा गैरकानूनी गतिविधि नहीं करने की चेतावनी दी गई। संदिग्ध लोगों के संबंध में जानकारी दर्ज करने के साथ उनके ठिकानों का सत्यापन किया गया। पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त कर स्थानीय लोगों और दुकानदारों से भी बातचीत की।
अधिकारियों ने थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में होटल, लॉज, धर्मशाला और किराये के मकानों में ठहरे संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। बाजारों, धार्मिक स्थलों और त्योहारों के आयोजन वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली की जांच और निगरानी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बिगाड़ने, अवैध शराब बेचने, नशीले पदार्थों की तस्करी करने या नशे में वाहन चलाने वालों के प्रति सख्त रुख अपनाया जाएगा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए भीड़ वाले क्षेत्रों में सादे कपड़ों में जवानों की तैनाती की जा सकती है। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए प्रमुख मार्गों और बाजारों के आसपास अतिरिक्त बल लगाया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, अचानक चलाए जाने वाले ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। इनका उद्देश्य केवल आरोपियों को पकड़ना नहीं, बल्कि शहर में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाकर संभावित अपराधों को रोकना भी है। आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए स्थानीय लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है। अभियान से संबंधित प्रमुख आंकड़ों की पुष्टि उपलब्ध स्थानीय रिपोर्टों से भी होती है।