इंदौर। मध्य प्रदेश में सोमवार से गणेश चतुर्थी का उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो गया। प्रदेश के शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक घरों, मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। गणेशोत्सव को देखते हुए प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा, आकर्षक श्रृंगार, आरती और दर्शन की व्यापक तैयारियां की गई हैं।

इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर और बड़ा गणपति मंदिर के साथ उज्जैन स्थित चिंतामन गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। प्रमुख मंदिरों में भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। दर्शन के लिए अलग-अलग कतारें बनाने के साथ मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रित करने के प्रबंध किए गए हैं।

गणेश चतुर्थी के दिन सुबह से ही मंदिरों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालु भगवान गणेश को मोदक, लड्डू, दूर्वा और पुष्प अर्पित कर रहे हैं। मंदिरों में “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारे गूंजते रहे। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन, महाआरती और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है।

स्वर्ण आभूषणों से सजे खजराना गणेश

इंदौर के विश्व प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में दस दिवसीय गणेशोत्सव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट के अनुसार, गणेशोत्सव के दौरान भगवान गणेश का लगभग सात करोड़ रुपये मूल्य के स्वर्ण आभूषणों से श्रृंगार किया जाएगा। दस दिनों तक भगवान को प्रतिदिन अलग-अलग स्वरूप में सजाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को हर दिन विशेष श्रृंगार के दर्शन मिल सकेंगे।

गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले रविवार को ब्रह्म मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमा पर हीरे जड़ी आंखें लगाई गईं। विशेष श्रृंगार के बाद भगवान के दिव्य स्वरूप ने भक्तों का मन मोह लिया। स्वर्ण आभूषणों की सुरक्षा के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष प्रबंध किए गए हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास भी व्यवस्थाएं मजबूत की गई हैं।

खजराना गणेश मंदिर में गणेशोत्सव के दौरान सवा लाख मोदक अर्पित किए जाएंगे। इतनी बड़ी संख्या में मोदक चढ़ाए जाने को लेकर भक्तों में खास उत्साह है। भगवान गणेश को मोदक अत्यंत प्रिय माने जाते हैं। पूजा के बाद प्रसाद के रूप में इन्हें श्रद्धालुओं के बीच वितरित किए जाने की व्यवस्था की जाएगी।

दस दिनों तक होंगे अलग-अलग धार्मिक आयोजन

खजराना गणेश मंदिर में गणेशोत्सव के सभी दस दिनों तक विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। प्रतिदिन सुबह से रात तक श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर में नियमित आरती के साथ विशेष श्रृंगार और भोग अर्पित किया जाएगा। हर दिन भगवान गणेश के बदले हुए स्वरूप को देखने के लिए बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है।

मंदिर में दर्शन व्यवस्था इस तरह तैयार की गई है कि श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सुविधा का भी ध्यान रखा जा रहा है। आयोजन के दौरान मंदिर में आने वाले लोगों से कतारबद्ध होकर दर्शन करने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

खजराना गणेश को इंदौर सहित देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना पूरी होती है। यही कारण है कि सामान्य दिनों में भी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जबकि गणेशोत्सव के दौरान भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।

बड़ा गणपति मंदिर में भी विशेष तैयारी

इंदौर के प्रसिद्ध बड़ा गणपति मंदिर में भी गणेश चतुर्थी को लेकर उत्सव का माहौल है। मंदिर में भगवान गणेश का विशेष श्रृंगार किया गया है। पूजा और आरती में शामिल होने के लिए सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। मंदिर परिसर को फूलों और आकर्षक सजावट से संवारा गया है।

बड़ा गणपति मंदिर अपनी विशाल गणेश प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। गणेशोत्सव के दौरान यहां प्रतिदिन विशेष पूजा और आरती का आयोजन किया जाएगा। भक्त भगवान को लड्डू, मोदक और दूर्वा अर्पित कर आशीर्वाद ले रहे हैं। मंदिर के आसपास यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

चिंतामन गणेश मंदिर में उमड़ेंगे भक्त

उज्जैन के प्रसिद्ध चिंतामन गणेश मंदिर में भी गणेश चतुर्थी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर में विशेष पूजा, अभिषेक, श्रृंगार और आरती की तैयारी की गई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान चिंतामन गणेश भक्तों की चिंताओं और बाधाओं को दूर करते हैं। इसी विश्वास के साथ दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं।

प्रदेश के अन्य गणेश मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों में भी दस दिनों तक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कई समितियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं स्थापित की हैं। घरों में भी श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त में गणपति बप्पा की स्थापना कर आरती की।

गणेशोत्सव के साथ पूरे मध्य प्रदेश में भक्ति और उल्लास का वातावरण बन गया है। अब दस दिनों तक पूजा, आरती, भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रसाद वितरण का दौर चलेगा। उत्सव के अंतिम दिन श्रद्धालु भगवान गणेश को अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना के साथ विदाई देंगे।

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