इंदौर। शहर के राजेंद्र नगर इलाके में शनिवार तड़के एक तेज रफ्तार महिंद्रा थार अनियंत्रित होकर प्रतीक सेतु की रेलिंग तोड़ते हुए करीब 50 फीट नीचे जा गिरी। नीचे गिरने के बाद एसयूवी पलट गई और उसमें सवार चार लोग बुरी तरह क्षतिग्रस्त वाहन के अंदर फंस गए। दुर्घटना की तेज आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने पुलिस को सूचना दी और बचाव कार्य शुरू किया। चारों घायलों को वाहन से बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

हादसा तड़के करीब 3:30 बजे हुआ। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, थार अन्नपूर्णा क्षेत्र की ओर से बिजलपुर की दिशा में जा रही थी। प्रतीक सेतु पर पहुंचने के बाद चालक अचानक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार एसयूवी पुल की रेलिंग से टकराई, उसे तोड़ते हुए नीचे गिर गई। हादसे में वाहन का अगला और ऊपरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।


पुल से नीचे गिरने के बाद थार पलट गई। वाहन के दरवाजे क्षतिग्रस्त होने के कारण उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए थे। दुर्घटना के बाद गाड़ी के एयरबैग खुल गए, जिससे वाहन में सवार लोगों की जान बचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि ऊंचाई से गिरने और वाहन पलटने के कारण चारों को चोटें आई हैं।

चारों घायलों की हुई पहचान

घायलों की पहचान 25 वर्षीय आरती, 20 वर्षीय अभिजीत, आदित्य और लावण्या के रूप में हुई है। दुर्घटना की सूचना मिलने पर राजेंद्र नगर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की सहायता से वाहन के अंदर फंसे चारों लोगों को बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस और अन्य साधनों की मदद से अस्पताल भेजा गया।

घायलों की स्थिति के संबंध में विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी तत्काल सामने नहीं आई है। अस्पताल में सभी का उपचार किया जा रहा है। पुलिस ने घायलों के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी है। दुर्घटना में किसी की मौत होने की जानकारी नहीं है।

सहायक पुलिस आयुक्त निधि सक्सेना ने चार लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। उनके मुताबिक एसयूवी प्रतीक सेतु से करीब 50 फीट नीचे गिरी थी। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। वाहन को घटनास्थल से हटाकर तकनीकी परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है।

तेज रफ्तार के कारण नियंत्रण खोने की आशंका

प्रारंभिक स्तर पर हादसे का कारण तेज रफ्तार बताया जा रहा है। पुलिस को आशंका है कि पुल से गुजरते समय चालक वाहन की गति को नियंत्रित नहीं कर सका। इसके कारण थार रेलिंग से टकराई और सीधे नीचे जा गिरी। हालांकि वाहन में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी थी या चालक के सामने अचानक कोई बाधा आई, यह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दुर्घटना के समय गाड़ी कौन चला रहा था। वाहन की रफ्तार कितनी थी और चालक ने दुर्घटना से पहले ब्रेक लगाने का प्रयास किया था या नहीं, इसकी जानकारी घटनास्थल पर मिले निशानों तथा एसयूवी की तकनीकी जांच से जुटाई जाएगी।

दुर्घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा सकती है। कैमरों की फुटेज मिलने से वाहन की वास्तविक गति, पुल पर अन्य वाहनों की मौजूदगी और हादसे से ठीक पहले की परिस्थितियों को समझने में सहायता मिल सकती है।

शराब के सेवन की भी हो रही जांच

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि चालक ने दुर्घटना से पहले शराब का सेवन किया था या नहीं। फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घायलों की चिकित्सकीय रिपोर्ट और आवश्यक परीक्षण के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसलिए शराब पीकर वाहन चलाने से संबंधित दावों को अभी जांच का विषय माना जा रहा है।

वाहन के भीतर से किसी संदिग्ध वस्तु की बरामदगी को लेकर भी पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने पहुंचाई मदद

दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद और आसपास रहने वाले लोग सहायता के लिए पहुंचे। वाहन पलट जाने के कारण लोगों को घायलों तक पहुंचने में परेशानी हुई। उन्होंने पुलिस को सूचना देने के साथ कार के अंदर फंसे लोगों को संभालने का प्रयास किया। पुलिस के पहुंचने के बाद सभी को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया।

हादसे के बाद प्रतीक सेतु और उसके नीचे लोगों की भीड़ जमा हो गई। क्षतिग्रस्त थार को देखकर हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता था। वाहन को हटाने के लिए क्रेन की सहायता लिए जाने की जानकारी है। दुर्घटना के कारण पुल की रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हुई है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे ने शहर के पुलों पर तेज रफ्तार और सुरक्षा इंतजामों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। रात और तड़के के समय सड़कों पर यातायात कम होने के कारण कई वाहन चालक तय सीमा से अधिक गति से गाड़ी चलाते हैं। अचानक मोड़, कमजोर दृश्यता या मामूली असंतुलन भी ऐसी स्थिति में गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।

ऊंचे पुलों पर मजबूत क्रैश बैरियर और चेतावनी संकेत वाहन को नीचे गिरने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रतीक सेतु की रेलिंग एसयूवी की टक्कर नहीं झेल सकी और टूट गई। पुलिस की जांच के साथ संबंधित एजेंसी द्वारा क्षतिग्रस्त रेलिंग का निरीक्षण और मरम्मत किया जाना भी जरूरी होगा।

 चारों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है। यह हादसा वाहन चालकों के लिए चेतावनी है कि खाली सड़क मिलने पर भी गति सीमा और यातायात नियमों का पालन करना आवश्यक है।

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