इंदौर : सिंहस्थ-2028 से पहले शहर में कराए जा रहे विकास कार्यों को समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए प्रशासन ने विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया है। डिविजनल कमिश्नर भास्कर लक्षकार ने शनिवार को कलेक्टर कार्यालय में सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा की। संयुक्त समन्वय बैठक में निर्माण और विकास परियोजनाओं से जुड़े 15 विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में डिविजनल कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि शहर में अलग-अलग विभागों द्वारा कराए जा रहे कार्यों की योजना आपसी तालमेल के साथ बनाई जानी चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक विभाग सड़क, पाइपलाइन या अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण पूरा करे और कुछ समय बाद दूसरे विभाग को अपने काम के लिए उसी स्थान को दोबारा खोदना या तोड़ना पड़े। ऐसी स्थिति से सरकारी संसाधनों की बर्बादी होती है, आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है और विकास कार्यों की समयसीमा भी प्रभावित होती है।

15 विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर आयोजित इस संयुक्त समन्वय बैठक में 15 विभागों के प्रमुखों और तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी विभागों की प्रस्तावित और निर्माणाधीन परियोजनाओं की जानकारी साझा करना तथा उनके बीच आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समय रहते समाधान करना था।

डिविजनल कमिश्नर भास्कर लक्षकार ने विभाग प्रमुखों को निर्देश दिया कि वे अपनी परियोजनाओं की योजना बनाते समय अन्य संबंधित विभागों से अनिवार्य रूप से चर्चा करें। विभागीय अधिकारियों के साथ तकनीकी अधिकारियों के बीच भी लगातार संवाद बनाए रखने पर जोर दिया गया। इससे किसी परियोजना के डिजाइन, निर्माण स्थल, समयसीमा और भविष्य में उसी क्षेत्र में प्रस्तावित दूसरे कार्यों की जानकारी पहले ही मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि बड़े आयोजनों की तैयारी में अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियां आपस में जुड़ी होती हैं। इसलिए केवल अपने विभाग का काम पूरा कर देना पर्याप्त नहीं है। यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि एक विभाग का निर्माण दूसरे विभाग की परियोजना में बाधा न बने और सभी कार्य एक साझा योजना के तहत आगे बढ़ें।

पूरे हो चुके कामों को दोबारा न तोड़ा जाए

बैठक में इस बात पर विशेष चिंता जताई गई कि कई बार सड़क या अन्य निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पाइपलाइन, केबल अथवा किसी दूसरे विभाग की परियोजना के लिए उसे फिर से खोदना पड़ता है। इससे न केवल तैयार संरचना को नुकसान पहुंचता है, बल्कि उसकी गुणवत्ता और उपयोगिता भी प्रभावित होती है।

डिविजनल कमिश्नर ने निर्देश दिया कि संबंधित विभाग निर्माण शुरू करने से पहले अपने प्रस्तावित कार्यों की जानकारी एक-दूसरे से साझा करें। यदि किसी मार्ग या क्षेत्र में अलग-अलग विभागों को काम करना है तो उसकी क्रमबद्ध योजना बनाई जाए। पहले भूमिगत अथवा बुनियादी सेवाओं से जुड़े कार्य पूरे किए जाएं और उसके बाद सड़क या सतह से संबंधित निर्माण कराया जाए।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी राशि से तैयार परियोजनाओं को बार-बार तोड़ने की आवश्यकता न पड़े। इससे काम तय समय में पूरे होंगे और निर्माण की गुणवत्ता भी बरकरार रहेगी। साथ ही लोगों को बार-बार होने वाली खुदाई, रास्ते बंद होने और यातायात संबंधी परेशानियों से राहत मिल सकेगी।

हर महीने होगी संयुक्त समन्वय बैठक

डिविजनल कमिश्नर ने म्युनिसिपल कमिश्नर क्षितिज सिंघल को निर्देश दिया कि नगर निगम क्षेत्र में काम करने वाले सभी संबंधित विभागों के साथ हर महीने संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित की जाए। इन बैठकों में विकास कार्यों की प्रगति, विभागों के बीच समन्वय की स्थिति और निर्माण के दौरान सामने आने वाली समस्याओं की समीक्षा की जाएगी।

मासिक बैठक के माध्यम से यह जानकारी नियमित रूप से सामने आ सकेगी कि कौन-सा विभाग किस क्षेत्र में काम कर रहा है और आने वाले समय में कौन-सी परियोजना शुरू होने वाली है। यदि दो या उससे अधिक विभागों की योजनाएं एक ही स्थान से जुड़ी होंगी तो उन्हें पहले ही समन्वित किया जा सकेगा।

नियमित समीक्षा से काम में देरी के कारणों की पहचान करने और उनका समय पर समाधान करने में भी मदद मिलेगी। अधिकारियों को अपनी परियोजनाओं की अद्यतन जानकारी साझा करनी होगी, जिससे प्रशासन को सिंहस्थ से जुड़े सभी विकास कार्यों की समग्र तस्वीर मिल सकेगी।

तकनीकी अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण

बैठक में विभाग प्रमुखों के साथ तकनीकी अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल को भी जरूरी बताया गया। किसी भी परियोजना का क्रियान्वयन उसके तकनीकी डिजाइन, स्थल की स्थिति और अन्य सुविधाओं के साथ उसके संबंध पर निर्भर करता है। ऐसे में इंजीनियरों तथा अन्य तकनीकी अधिकारियों को शुरुआती चरण से ही समन्वय प्रक्रिया में शामिल रखने को कहा गया।

तकनीकी स्तर पर चर्चा होने से यह तय किया जा सकेगा कि भूमिगत सुविधाओं, सड़कों और दूसरी संरचनाओं का निर्माण किस क्रम में किया जाए। इससे काम के दौरान डिजाइन बदलने या तैयार हिस्सों को नुकसान पहुंचाने जैसी परिस्थितियों को रोका जा सकेगा। अधिकारियों को गुणवत्ता की लगातार निगरानी करने और निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा कराने पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

समयसीमा और गुणवत्ता पर प्रशासन का जोर

सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए शहर में कई स्तरों पर विकास परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। बड़े आयोजन से पहले इन परियोजनाओं को पूरा करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। इसी कारण विभागों को समयबद्ध तरीके से काम करने और गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

डिविजनल कमिश्नर ने संकेत दिया कि बेहतर समन्वय से निर्माण की गति बढ़ाई जा सकती है। यदि सभी विभाग पहले से अपनी कार्ययोजना साझा करेंगे तो अनुमति, स्थल चयन और तकनीकी बाधाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान तेजी से होगा। इससे परियोजनाओं के अनावश्यक रूप से लंबित रहने की संभावना भी कम होगी।

संयुक्त बैठक के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि सिंहस्थ की तैयारी केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। सभी विभागों को एक साझा लक्ष्य के साथ काम करना होगा। मासिक समीक्षा और तकनीकी समन्वय की व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू होने पर विकास कार्य समय पर पूरे होने के साथ उनकी गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

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