सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 16 लोगों की मौत के मामले में वांछित आरोपी शिवंजय राजपूत को रविवार तड़के पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने तलाशी अभियान के दौरान टीम पर कथित रूप से तीन राउंड गोलियां चलाईं। जवाबी गोलीबारी में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान 21 वर्षीय शिवंजय राजपूत के रूप में हुई है। वह जहरीली शराब मामले में वांछित था और उसकी गिरफ्तारी के लिए 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं।

रविवार तड़के पुलिस को राजपूत के बहरोल थाना क्षेत्र के जंगल में छिपे होने की जानकारी मिली। सूचना के आधार पर सुरक्षाकर्मियों की टीम ने कठुआ नाला वन क्षेत्र के आसपास तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस का दावा है कि घेराबंदी के दौरान आरोपी ने खुद को बचाने और मौके से भागने के लिए टीम पर गोली चला दी।

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने टीम को निशाना बनाते हुए तीन राउंड फायरिंग की। अचानक हुई गोलीबारी के बाद सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई में दो राउंड गोलियां चलाईं। इनमें से एक गोली राजपूत के पैर में लगी और वह घायल होकर नीचे गिर गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे काबू में लेकर गिरफ्तार कर लिया।

मुठभेड़ में किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। आरोपी के पास से हथियार या अन्य सामान की बरामदगी को लेकर पुलिस की ओर से अभी विस्तृत विवरण जारी नहीं किया गया है। घटनास्थल की पड़ताल और मुठभेड़ से जुड़े तथ्यों का दस्तावेजीकरण किया जा रहा है।

शिवंजय राजपूत की गिरफ्तारी के साथ जहरीली शराब कांड में पकड़े गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में कुल 30 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अन्य आरोपियों की भूमिका और उनकी मौजूदगी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

जहरीली शराब पीने की घटना में 16 लोगों की मौत हुई थी। बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने के बाद प्रशासन और पुलिस पर आरोपियों को जल्द पकड़ने का दबाव बढ़ गया था। घटना के बाद शराब बनाने, उसकी आपूर्ति करने और लोगों तक पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क की पहचान के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गईं।

जांच के दौरान सामने आए नामों के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की गई। पुलिस के अनुसार शिवंजय राजपूत भी इस मामले में वांछित था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। उस तक पहुंचने के लिए पुलिस ने सूचना तंत्र को सक्रिय किया और उसके संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी।

पुलिस को रविवार तड़के राजपूत के कठुआ नाला वन क्षेत्र के आसपास मौजूद होने की पुख्ता सूचना मिलने का दावा किया गया। जंगल और नाले के आसपास का इलाका होने के कारण टीम ने सावधानी के साथ तलाशी शुरू की। इस दौरान आरोपी से पुलिस का आमना-सामना हुआ और गोलीबारी की घटना सामने आई।

अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने पहले पुलिस टीम पर फायरिंग की। पुलिस ने आत्मरक्षा और उसे पकड़ने के लिए जवाबी गोलीबारी की। गोली लगने के बाद आरोपी के भागने की कोशिश नाकाम हो गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस मुठभेड़ के इस घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

घायल आरोपी को हिरासत में लेकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। इलाज के बाद उसकी स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। पुलिस को उससे जहरीली शराब की तैयारी, वितरण और बिक्री से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।

इस मामले में 30 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से स्पष्ट है कि पुलिस इसे किसी एक व्यक्ति की गतिविधि तक सीमित नहीं मान रही। अधिकारियों की जांच कथित रूप से पूरे नेटवर्क और अलग-अलग आरोपियों की भूमिकाओं पर केंद्रित है। अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि शेष नामजद आरोपियों की तलाश जारी है।

शिवंजय राजपूत पर घोषित 30 हजार रुपये का इनाम बताता है कि पुलिस उसे मामले का महत्वपूर्ण वांछित आरोपी मान रही थी। हालांकि अपराध में उसकी वास्तविक भूमिका और आरोपों की पुष्टि न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी। फिलहाल पुलिस ने उसे जहरीली शराब कांड में वांछित बताते हुए गिरफ्तार किया है।

जहरीली शराब के कारण हुई मौतों के मामले में यह पता लगाया जा रहा है कि शराब कहां बनाई गई थी और उसे लोगों तक किस माध्यम से पहुंचाया गया। इसके अलावा शराब में कौन सा जहरीला पदार्थ मौजूद था और उसकी बिक्री किन स्थानों पर हुई, जैसे सवालों के जवाब जुटाना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस अन्य संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अलग-अलग आरोपियों के बीच संबंध, अवैध शराब की खरीद-बिक्री और आर्थिक लेनदेन की जानकारी भी खंगाली जा सकती है। हालांकि इन बिंदुओं पर पुलिस की विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है।

मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा रहा है। आरोपी की ओर से कथित रूप से चलाई गई गोलियों और पुलिस की जवाबी फायरिंग का विवरण आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ पुलिस टीम पर गोली चलाने के मामले में अलग से कानूनी प्रकरण दर्ज किया जा सकता है।

सागर जिले में 16 लोगों की मौत से जुड़े इस मामले ने अवैध और जहरीली शराब की बिक्री पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इतनी बड़ी जनहानि के बाद जिम्मेदार लोगों की पहचान और उनके खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास जारी है।

शिवंजय राजपूत की गिरफ्तारी को जांच में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। उससे पूछताछ के बाद जहरीली शराब के कथित नेटवर्क से संबंधित नई जानकारी सामने आ सकती है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि फरारी के दौरान उसे किसने आश्रय और मदद दी थी।

फिलहाल घायल आरोपी का उपचार कराया जा रहा है। स्वास्थ्य में सुधार के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मामले के शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। 19 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की नजर एफआईआर में नामजद अन्य लोगों पर है।

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