गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च करना एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया। जैसे ही उसने नंबर सर्च किया तो ठग के संपर्क में आ गया। ठग ने उसके मोबाइल पर एप्लिकेशन इंस्टॉल करवाई और उसके मोबाइल को एक्सेस कर फ्लिपकार्ट से सामान का ऑर्डर कर दिया।

दरअसल इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा ऑनलाइन ठगी की रोकथाम में सहायता के लिए सायबर हेल्पलाइन चलाई जा रही है। फोन के माध्यम से लोग इसमें शिकायत दर्ज करवाते हैं। ऐसे ही एक मामले में डेनी बिल्लोरे पिता कैलाश बिल्लोरे निवासी इंदौर ने शिकायत दर्ज करवाई। उसने बताया कि किसी ने उसके साथ ठगी कर 81 हजार 980 रुपये खाते से निकाल लिए। शिकायत के बाद फ्रॉड इन्वेस्टीगेशन सेल ने कार्रवाई की।
सेल ने आवेदक से पूरी जानकारी ली। इसमें पता चला कि आवेदक डेनी ने अपने लोन को फोरक्लोज करने के लिए गूगल से कस्टमर केयर नंबर सर्च किया था। उसे लगा था कि यह कस्टमर केयर का नंबर है, जिस पर कॉल करके समस्या हल हो जाएगी लेकिन यह नंबर सायबर ठग का था। सायबर ठग ने मीठी-मीठी बातें कर आवेदक को भरोसे में लिया। उसकी समस्या पूछी और कहा कि मोबाइल पर एनीडेस्क एप्लिकेशन इंस्टॉल करना पड़ेगा। ठग की बातों में आकर आवेदक ने एप्लिकेशन इंस्टॉल कर लिया। ऐसा करते ही आवेदक का मोबाइल का एक्सेस ठग के पास चला गया और उसने आवेदक के एक्सिस बैंक के खाते से 81,980 रुपये की फ्लिपकार्ट से शॉपिंग का ऑर्डर कर दिया।
आवेदक की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने फ्लिपकार्ट कंपनी से संपर्क किया और रुपये वापस दिलवाए। पुलिस ने बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा फोन, मैसेज व सोशल मीडिया के माध्यम से सपंर्क कर बैंक खाता, क्रेडिट कार्ड, वॉलेट एवं यूपीआई पिन व पॉलिसी की जानकारी न दें। किसी भी अनजान एप्लिकेशन को डाउनलोड कर एक्सेस पासवर्ड शेयर न करें अन्यथा आप ठगी के शिकार हो सकते हैं। इस तरह की घटना की सूचना नजदीकी पुलिस थाने अथवा क्राइम ब्रांच इंदौर पुलिस द्वारा संचालित 704912-4445 पर दे सकते हैं।
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