ग्वालियर :  मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां कथित तौर पर लोन दिलाने के नाम पर हुई लाखों रुपये की ठगी से परेशान एक युवक ने रेलवे ट्रैक पर जाकर आत्महत्या कर ली। झांसी रोड थाना क्षेत्र में युवक का शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस को घटनास्थल से पांच पन्नों का एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें युवक ने अपनी मौत के लिए तीन लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मृतक की पहचान जसपाल सिंह यादव के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जसपाल सिंह को उसकी पुश्तैनी जमीन पर बड़ा लोन दिलाने का भरोसा दिलाया गया था। आरोप है कि इसी झांसे में आकर उसने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए। बताया जा रहा है कि उसने वाहन और सोना तक गिरवी रखकर ऊंचे ब्याज पर पैसे उधार लिए और कथित तौर पर करीब 23 लाख रुपये आरोपितों को दे दिए।

परिजनों का कहना है कि जसपाल को लंबे समय तक यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि उसका लोन जल्द ही स्वीकृत हो जाएगा, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी न तो लोन मिला और न ही उसके पैसे वापस किए गए। आरोप है कि उसे कथित फर्जी दस्तावेज दिखाकर लगातार गुमराह किया गया। आर्थिक नुकसान और मानसिक दबाव के कारण वह काफी परेशान रहने लगा था।

घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच के दौरान पुलिस को युवक के पास से पांच पन्नों का सुसाइड नोट मिला। इस नोट में जसपाल ने तीन लोगों के नाम लिखे हैं और आरोप लगाया है कि उनकी वजह से वह यह कदम उठाने को मजबूर हुआ। उसने पुलिस प्रशासन से आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सुसाइड नोट में युवक ने यह भी दावा किया है कि उसके साथ ही अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की आर्थिक धोखाधड़ी की गई है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट और उसमें लगाए गए आरोपों की गहन जांच की जा रही है। सभी संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बताया जा रहा है कि युवक ने अपने सुसाइड नोट में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी न्याय की गुहार लगाई है। उसने अपील की कि उसके परिवार को न्याय दिलाया जाए और उसके पिता को उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाने की कोशिश की जाए। साथ ही उसने आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मामले को आत्महत्या के रूप में दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सुसाइड नोट में लिखे नामों, कथित आर्थिक लेनदेन और दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वास्तव में लोन दिलाने के नाम पर कोई संगठित ठगी की गई थी।

इस घटना ने एक बार फिर लोन और निवेश के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह के वित्तीय लेनदेन से पहले संबंधित व्यक्ति या संस्था की पूरी जानकारी जुटाना जरूरी है। बिना जांच-पड़ताल के बड़ी रकम देना आर्थिक नुकसान के साथ गंभीर मानसिक तनाव का कारण बन सकता है।

वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति लोन दिलाने, कम ब्याज पर बड़ी रकम उपलब्ध कराने या फर्जी दस्तावेजों के जरिए आर्थिक लाभ का लालच देता है तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें। समय रहते शिकायत मिलने पर ऐसे मामलों में कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल ग्वालियर पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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