इंदौर में आपत्तिजनक पेंटिंग पर विवाद, पुलिस जांच में जुटी

Update: 2026-08-02 07:36 GMT

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में शनिवार को सार्वजनिक दीवार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की आपत्तिजनक पेंटिंग मिलने के बाद विवाद खड़ा हो गया। तुकोगंज थाना क्षेत्र के लालटेन चौराहे के पास मिली इन पेंटिंग्स को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, सार्वजनिक दीवार पर बनाई गई इन पेंटिंग्स के साथ कुछ नारे भी लिखे गए थे। इनमें “ईट द रिच” और “फ्री द प्रेस” जैसे स्लोगन शामिल थे। पेंटिंग्स सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी तेजी से फैली और राजनीतिक माहौल गरमा गया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय बीजेपी नेताओं ने इसका विरोध जताया और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री बनाना गलत है और इससे सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है।

MIC सदस्य ने पुलिस को दी सूचना

बताया जा रहा है कि इंदौर नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल (MIC) के सदस्य नंदकिशोर पहाड़िया की नजर यशवंत क्लब क्षेत्र के पास बनी इन पेंटिंग्स पर पड़ी। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत तुकोगंज पुलिस को इसकी सूचना दी।

इसके बाद उन्होंने पुलिस थाने पहुंचकर लिखित शिकायत भी दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने पेंटिंग बनाने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि पेंटिंग्स किसने बनाई, इसके पीछे किसकी भूमिका है और इसे कब बनाया गया।

सीसीटीवी फुटेज खंगालने की तैयारी

जांच के दौरान पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय वहां कौन-कौन लोग मौजूद थे और किन लोगों ने दीवार पर पेंटिंग बनाई।

साथ ही, पुलिस स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटा रही है ताकि मामले से जुड़े सुराग मिल सकें। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इसके पीछे किसी संगठन या व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।

बीजेपी नेताओं ने जताया विरोध

पेंटिंग्स मिलने के बाद बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि राजनीतिक विरोध दर्ज कराने के लिए भी एक मर्यादा होनी चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति पर इस तरह की सामग्री बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

स्थानीय नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी गतिविधियां शहर के माहौल को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की अपील की है।

अभिव्यक्ति की आजादी और कानून व्यवस्था पर चर्चा

इस घटना के बाद शहर में अभिव्यक्ति की आजादी और सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। जहां एक ओर राजनीतिक विचारों को व्यक्त करने के अधिकार की बात कही जाती है, वहीं सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या आपत्तिजनक सामग्री प्रदर्शित करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

प्रशासन के सामने अब यह चुनौती है कि वह मामले की निष्पक्ष जांच करे और यदि किसी ने नियमों का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

पुलिस जांच जारी

फिलहाल तुकोगंज पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इंदौर जैसे बड़े शहर में सार्वजनिक स्थानों पर राजनीतिक संदेशों और पेंटिंग्स को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। इस बार प्रधानमंत्री और प्रमुख उद्योगपतियों से जुड़ी पेंटिंग्स मिलने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।

पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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