भोपाल। राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। सोमवार, 24 अगस्त से शहर को 10 नई इलेक्ट्रिक बसें मिलने जा रही हैं। इन बसों के संचालन के साथ भोपाल में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 20 से बढ़कर 30 हो जाएगी। नई बसें पहले से संचालित तीन प्रमुख रूटों पर चलाई जाएंगी, जिससे यात्रियों को बसों के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

नई ई-बसों के संचालन का सबसे बड़ा फायदा नियमित यात्रियों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और छात्रों को मिलने की उम्मीद है। बसों की संख्या बढ़ने के बाद प्रमुख मार्गों पर सेवा की आवृत्ति बढ़ेगी और यात्रियों को करीब 10 से 15 मिनट के अंतराल पर बस मिलने की उम्मीद है।

तीन मौजूदा रूटों पर बढ़ेंगी बसें

नई इलेक्ट्रिक बसों को शहर में पहले से संचालित तीन रूटों पर लगाया जाएगा। इन सभी रूटों का जुड़ाव एमपी नगर से है। एमपी नगर भोपाल का प्रमुख व्यावसायिक और व्यस्त क्षेत्र है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी, छात्र और अन्य यात्री पहुंचते हैं।

बसों की संख्या बढ़ने से इन रूटों पर यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे। अभी कई समय पर बस के इंतजार में यात्रियों को लंबा समय गुजारना पड़ता है। अतिरिक्त बसें इस अंतराल को कम करेंगी और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद करेंगी।

कोलार रोड से ISBT तक कनेक्टिविटी होगी बेहतर

नई ई-बसों के संचालन से कोलार रोड, बावड़िया कलां, बैरागढ़, एमपी नगर और इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) जैसे प्रमुख क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इन इलाकों से बड़ी संख्या में लोग रोजाना काम, पढ़ाई और अन्य जरूरी कार्यों के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में आते-जाते हैं।

कोलार रोड और बावड़िया कलां से आने वाले यात्रियों को एमपी नगर तक पहुंचने में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी। वहीं बैरागढ़ और ISBT की ओर से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी अतिरिक्त बसें उपयोगी साबित होंगी।

इन प्रमुख इलाकों के बीच सीधा या सुविधाजनक बस संपर्क होने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है।

ऑफिस जाने वालों और छात्रों को राहत

एमपी नगर में बड़ी संख्या में कार्यालय, संस्थान और शिक्षण केंद्र हैं। रोजाना सुबह और शाम के समय यहां यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में बसों की संख्या बढ़ने से पीक आवर में यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

छात्रों के लिए भी ई-बस सेवा महत्वपूर्ण है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से छात्र एमपी नगर और आसपास के इलाकों में पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। बसों का अंतराल कम होने से उन्हें लंबे समय तक बस स्टॉप पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

इसी तरह कार्यालय जाने वाले यात्रियों को भी निर्धारित समय पर बस उपलब्ध होने से अपने गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा होगी।

इन इलाकों में पहले से चल रही ई-बसें

भोपाल में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन पहले से ही शहर के कई प्रमुख इलाकों में किया जा रहा है। वर्तमान में ई-बसें न्यू मार्केट, सलैया, रोहित नगर, अशोका गार्डन, सुभाष नगर, कोहेफिजा और पीर गेट जैसे प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुजरती हैं।

इन क्षेत्रों में ई-बसों को यात्रियों की ओर से इस्तेमाल किया जा रहा है। अब बसों की कुल संख्या बढ़ाए जाने से मौजूदा रूटों पर सेवा का दायरा और आवृत्ति दोनों बेहतर होने की उम्मीद है।

₹6 से शुरू होकर ₹40 तक किराया

ई-बस सेवा की एक खासियत इसका अपेक्षाकृत किफायती किराया भी है। इन बसों में न्यूनतम किराया करीब 6 से 7 रुपये है, जबकि अधिकतम किराया 40 रुपये तक है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह सेवा किफायती सार्वजनिक परिवहन विकल्प बनी हुई है।

नई बसों के जुड़ने के बाद यात्रियों को कम समय में बस मिलने के साथ-साथ मौजूदा किराया व्यवस्था के तहत यात्रा करने की सुविधा मिलने की उम्मीद है। सार्वजनिक परिवहन के विस्तार से उन लोगों को भी फायदा होगा जो निजी वाहन का इस्तेमाल नहीं करते हैं।

शहर में बढ़ रहा इलेक्ट्रिक परिवहन

भोपाल में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाया जाना शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसों को प्रदूषण कम करने वाले परिवहन विकल्प के तौर पर देखा जाता है।

शहर में ई-बसों की संख्या बढ़ने से सार्वजनिक परिवहन को अधिक मजबूत बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद है। अधिक लोग यदि निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं तो सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में भी सहायता मिल सकती है।

यात्रियों का इंतजार होगा कम

अतिरिक्त 10 बसों के संचालन का सबसे प्रत्यक्ष असर यात्रियों के इंतजार के समय पर पड़ेगा। अभी बसों की सीमित संख्या के कारण कुछ समय पर यात्रियों को अगली बस के लिए इंतजार करना पड़ता है। नई बसों के शामिल होने के बाद सेवा का अंतराल घटाकर 10 से 15 मिनट के आसपास करने की उम्मीद है।

सोमवार से शुरू होने वाली नई सेवा के बाद यात्रियों को अपने रूट पर बस की उपलब्धता अधिक नियमित रूप से मिलने की संभावना है। इससे दैनिक यात्रियों के समय की बचत होगी और बस सेवा पर भरोसा भी बढ़ेगा।

कुल मिलाकर, 24 अगस्त से भोपाल में 10 नई इलेक्ट्रिक बसों के जुड़ने के बाद शहर में ई-बसों का बेड़ा 30 तक पहुंच जाएगा। कोलार रोड, बावड़िया कलां, बैरागढ़, एमपी नगर और ISBT जैसे प्रमुख क्षेत्रों को इससे बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। खासकर छात्रों और कार्यालय जाने वाले यात्रियों के लिए बसों का इंतजार कम होना बड़ी राहत साबित हो सकता है। साथ ही किफायती किराए के कारण ई-बस सेवा शहरवासियों के लिए सार्वजनिक परिवहन का एक सुविधाजनक विकल्प बनी रह सकती है।

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