भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार सुबह एक बड़ी और चौंकाने वाली घटना सामने आई। जेल रोड स्थित महाकाल ऑटोमोबाइल शॉप में अचानक भीषण आग लग गई, जिसमें मरम्मत के लिए खड़ी 7 कारें कुछ ही मिनटों में धुं-धुं कर जलकर राख हो गईं। हादसे में करीब 35 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है। सभी जली हुई कारें ग्राहकों की बताई जा रही हैं।
जानकारी अनुसार घटना शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे की है। ऑटोमोबाइल शॉप जेल रोड पर ट्रूबा कॉलेज के पास स्थित है। उस समय इलाका शांत था, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते पूरी शॉप को चपेट में ले लिया।
5 कारें अंदर, 2 बाहर खड़ी थीं
शॉप मालिक सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि घटना के वक्त शॉप के अंदर 5 कारें और बाहर 2 कारें खड़ी थीं। आग लगने की सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे और फायर कंट्रोल रूम को जानकारी दी। इसके बाद गांधीनगर, छोला और बैरागढ़ फायर स्टेशन से दमकल वाहन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सभी कारें पूरी तरह जल चुकी थीं।
ऑटो पार्ट्स और उपकरण भी जले
कारों के साथ-साथ शॉप में रखे गए स्पेयर पार्ट्स, उपकरण और अन्य ऑटोमोबाइल सामान भी आग की चपेट में आ गया। इस हादसे से न सिर्फ शॉप मालिक, बल्कि जिन ग्राहकों की गाड़ियां मरम्मत के लिए आई थीं, उन्हें भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
शॉर्ट सर्किट से इंकार, साजिश की आशंका
शॉप मालिक सिद्धार्थ मिश्रा ने आग लगने के कारणों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शॉप में छह महीने पहले ही नया और सुरक्षित इलेक्ट्रिक सिस्टम लगाया गया था, इसलिए शॉर्ट सर्किट की संभावना बेहद कम है। आग में शॉप के सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर भी जल गए, जिससे अंदर की फुटेज नष्ट हो गई। हालांकि, आसपास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर जांच की मांग की गई है। शॉप मालिक ने आशंका जताई है कि यह आगजनी की साजिश भी हो सकती है।
पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी
मामले की जांच निशातपुरा पुलिस कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के कारणों की हर पहलू से जांच की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे और फायर डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शॉप मालिक के बयान दर्ज कर लिए गए हैं।
इलाके में दहशत
सुबह-सुबह लगी इस भीषण आग से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आग कुछ देर और फैलती, तो आसपास की दुकानों और इमारतों को भी भारी नुकसान हो सकता था। दमकल विभाग की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।