एनीमिया मुक्त भारत स्कोरकार्ड 2025-26: मध्य प्रदेश देश में टॉप, 92.1 इंडेक्स स्कोर हासिल
Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश ने एनीमिया मुक्त भारत (Anemia Mukt Bharat - AMB) स्कोरकार्ड 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य ने 92.1 का AMB इंडेक्स स्कोर दर्ज किया है, जो राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक है। इस उपलब्धि को स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश ने विभिन्न आयु और लक्षित समूहों में उच्च कवरेज दर हासिल की है। छह से 59 महीने के बच्चों में 80.4 प्रतिशत, पांच से नौ वर्ष के बच्चों में 95 प्रतिशत, किशोरों में 95 प्रतिशत, गर्भवती महिलाओं में 95 प्रतिशत और स्तनपान कराने वाली माताओं में 95 प्रतिशत कवरेज दर्ज की गई है। यह आंकड़े राज्य में एनीमिया नियंत्रण और पोषण सुधार कार्यक्रमों की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर अन्य राज्यों का प्रदर्शन भी सामने आया है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ने संयुक्त रूप से 90.6 के AMB इंडेक्स स्कोर के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है, जबकि तमिलनाडु 89.9 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहा। हालांकि, मध्य प्रदेश ने सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है।
इस उपलब्धि पर मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने राज्य सरकार की नीतियों और प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सफलता राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए लागू की गई प्रभावी रणनीतियों का परिणाम है।
राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या को नियंत्रित करने के लिए राज्य में व्यापक स्तर पर अभियान चलाए गए हैं। इसमें पोषण आहार वितरण, नियमित स्वास्थ्य जांच, जागरूकता कार्यक्रम और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत राज्य में लगातार निगरानी और डेटा आधारित रणनीति अपनाई गई है, जिससे लक्षित समूहों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां न केवल स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार दर्शाती हैं, बल्कि राज्य में मातृ एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी बढ़ोतरी का संकेत देती हैं। इससे आने वाले वर्षों में कुपोषण और एनीमिया के मामलों में और कमी आने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस सफलता को बनाए रखने और और बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
यह उपलब्धि राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार किए जा रहे प्रयासों की सफलता को दर्शाती है।