कर्नाटक में मतदाता सर्वे अंतिम चरण में

Update: 2026-08-04 11:23 GMT

बेंगलुरु: कर्नाटक में चल रहा घर-घर जाकर किया जाने वाला विशेष और सघन मतदाता सत्यापन अभियान अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस अभियान को पूरा होने में केवल पांच दिन शेष हैं। इस बीच, राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने जानकारी दी है कि मंगलवार शाम चार बजे तक नौ जिलों में सर्वे के दौरान एकत्र किए गए फॉर्म का 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है। इन जिलों में बृहद बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) के नॉर्थ और साउथ क्षेत्र भी शामिल हैं।

मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, राज्यभर में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है। इस दौरान मतदाता सूची में शामिल लोगों की जानकारी का सत्यापन करने के साथ-साथ अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट तथा अन्य श्रेणियों (ASDDO) से संबंधित मामलों का भी रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इन सभी सूचनाओं को डिजिटल प्रणाली में दर्ज करने का कार्य तेजी से जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि अब तक जिन नौ जिलों में फॉर्म का 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है, उनमें BBMP साउथ, BBMP नॉर्थ, चामराजनगर, हासन, चिक्कबल्लापुर, कोप्पल, गदग, कोडगु और हावेरी शामिल हैं। इन जिलों में ASDDO श्रेणी से संबंधित सभी मामलों का भी डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है, जिससे मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने में मदद मिलेगी।

चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से ऐसे मतदाताओं की पहचान की जा रही है जो लंबे समय से अपने पते पर मौजूद नहीं हैं, किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनका निधन हो चुका है या जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं। इन जानकारियों के आधार पर मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

हालांकि, राजधानी बेंगलुरु के कुछ हिस्सों में यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी रही है। अधिकारियों के अनुसार, बेंगलुरु के चार जिले लंबे समय से फॉर्म वितरण और उनके डिजिटाइजेशन के मामले में पीछे चल रहे थे। इसकी प्रमुख वजह यह रही कि बूथ लेवल अधिकारियों को कई क्षेत्रों में मतदाताओं तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। महानगर के कई इलाकों में लोग कार्यस्थलों पर रहने, अपार्टमेंट परिसरों में प्रवेश संबंधी प्रतिबंधों और अन्य कारणों से घरों पर उपलब्ध नहीं मिल पाए, जिससे सर्वे कार्य प्रभावित हुआ।

इसके बावजूद मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय ने विश्वास जताया है कि निर्धारित समय सीमा यानी 8 अगस्त से पहले पूरे राज्य में फॉर्म का 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि शेष जिलों में भी कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और अंतिम चरण में अतिरिक्त संसाधनों तथा कर्मचारियों की मदद से लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।

मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, BBMP साउथ और नॉर्थ के अलावा चामराजनगर, हासन, चिक्कबल्लापुर, कोप्पल, गदग, कोडगु और हावेरी जिलों में सभी संबंधित सूचनाओं का सफलतापूर्वक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर लिया गया है। वहीं, बेंगलुरु अर्बन, बेंगलुरु सेंट्रल और बेंगलुरु रूरल सहित कुल 19 जिलों में 99 प्रतिशत से अधिक डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा हो चुका है। इससे संकेत मिलता है कि राज्यव्यापी अभियान अपने अंतिम चरण में है और निर्धारित समय के भीतर पूरा होने की संभावना मजबूत है।

चुनाव अधिकारियों का कहना है कि डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा और आवश्यक सत्यापन के बाद मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल रहे और अपात्र अथवा त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को नियमों के अनुसार हटाया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण, लोगों के स्थानांतरण और अन्य सामाजिक परिवर्तनों के कारण मतदाता सूचियों को नियमित रूप से अद्यतन करना चुनाव आयोग के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती होती है। ऐसे अभियानों के माध्यम से मतदाता सूची की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को बेहतर बनाया जा सकता है।

राज्य चुनाव प्रशासन ने मतदाताओं से भी अपील की है कि यदि बूथ लेवल अधिकारी सत्यापन के लिए उनके घर पहुंचते हैं तो वे आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराकर सहयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों के सहयोग से ही मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाया जा सकता है, जिससे भविष्य में होने वाले चुनावों की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बन सके।

घर-घर जाकर किए जा रहे इस विशेष सर्वे और उसके डिजिटाइजेशन का कार्य अब अंतिम चरण में है। नौ जिलों में शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा होने और अधिकांश अन्य जिलों में 99 प्रतिशत से अधिक प्रगति दर्ज होने के बाद चुनाव आयोग को उम्मीद है कि 8 अगस्त की तय समय सीमा से पहले पूरे राज्य में यह अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया जाएगा।

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