विजयेंद्र की डीके शिवकुमार को चुनौती विधानसभा भंग कर चुनाव कराने की मांग
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी बीजेपी के बीच टकराव तेज होता जा रहा है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और कांग्रेस सरकार पर दलितों, पिछड़े वर्गों, युवाओं और किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए विधानसभा भंग कर चुनाव का सामना करने की चुनौती दी है। विजयेंद्र ने कहा कि अगर सरकार इन वर्गों को न्याय नहीं दिला सकती तो उसे जनता के बीच जाना चाहिए और अंतिम फैसला मतदाताओं पर छोड़ देना चाहिए।
‘बेल्लारी चलो’ मार्च के दूसरे दिन मीडिया से बातचीत करते हुए बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार के कामकाज पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि दलितों के नाम पर सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में उनके साथ न्याय नहीं किया। उन्होंने आरक्षण, रोजगार और विकास योजनाओं को लेकर भी सरकार को घेरा।
विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस सरकार दलितों और पिछड़े वर्गों को न्याय देने में सक्षम नहीं है तो विधानसभा भंग कर चुनाव कराए जाने चाहिए। इसके बाद जनता तय करेगी कि राज्य की सत्ता किसके हाथ में होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों और कामकाज से विभिन्न वर्गों में नाराजगी बढ़ रही है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने वाल्मीकि विकास निगम से जुड़े कथित घोटाले का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम में 187 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। विजयेंद्र के मुताबिक दलित और पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए उपलब्ध संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने इसे कांग्रेस सरकार की विफलता बताते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।
विजयेंद्र ने आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार को निशाने पर लिया। उनका आरोप है कि राज्य में आरक्षण को सही तरीके से लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि आरक्षण के नाम पर दलितों सहित विभिन्न समुदायों की अनदेखी हुई है। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिलने का मुद्दा उठाया और कहा कि नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं में निराशा है।
बीजेपी नेता ने दावा किया कि केवल किसी एक वर्ग या क्षेत्र की नहीं बल्कि पूरे कर्नाटक की अनदेखी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय राजनीतिक मुद्दों में उलझी हुई है। विजयेंद्र ने कहा कि बीजेपी इन समस्याओं को लेकर सड़क पर उतर रही है और सरकार के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखेगी।
‘बेल्लारी चलो’ मार्च को लेकर उन्होंने कहा कि बीजेपी का अभियान आम लोगों की समस्याओं को उठाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के विरोध प्रदर्शन को किसानों का भी समर्थन मिल रहा है और किसान बड़ी संख्या में आंदोलन से जुड़ रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने इसे सरकार की नीतियों के प्रति बढ़ते असंतोष का संकेत बताया।
विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार के भविष्य को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि डी.के. सरकार के दो-तीन और ‘विकेट’ गिरने वाले हैं। हालांकि उन्होंने अपने बयान में किन नेताओं या मंत्रियों की ओर इशारा किया, इसे स्पष्ट नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि भ्रष्टाचार ही मौजूदा सरकार के पतन की वजह बनेगा।
उनका कहना था कि राज्य सरकार पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं और बीजेपी इन मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष होने के नाते बीजेपी की जिम्मेदारी सरकार की कथित विफलताओं और आम लोगों की समस्याओं को सामने लाना है। पार्टी इसी उद्देश्य से अलग-अलग मुद्दों पर आंदोलन कर रही है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के रवैये की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने खाद्य क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने तक का शिष्टाचार नहीं दिखाया। विजयेंद्र ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों, किसानों, युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों की बात सुननी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है।
बीजेपी की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों में कथित भ्रष्टाचार के साथ सामाजिक न्याय को प्रमुखता दी जा रही है। विजयेंद्र ने दलितों और पिछड़े वर्गों के सवाल को सीधे सरकार के प्रदर्शन से जोड़ते हुए कहा कि सत्ता में आने के दौरान किए गए वादों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस मोर्चे पर विफल रही है।
राज्य में बीजेपी और कांग्रेस के बीच पहले से ही विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। अब ‘बेल्लारी चलो’ मार्च के दौरान विजयेंद्र की ओर से विधानसभा भंग कर चुनाव कराने की चुनौती दिए जाने से राजनीतिक माहौल और गर्मा गया है। बीजेपी इस अभियान के जरिए सरकार को भ्रष्टाचार, आरक्षण, रोजगार और किसानों से जुड़े मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर रही है।
विजयेंद्र के बयान से यह भी साफ है कि बीजेपी आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ सड़क पर अपना आंदोलन और तेज कर सकती है। पार्टी का दावा है कि उसे किसानों और आम जनता का समर्थन मिल रहा है। वहीं मुख्यमंत्री को सीधे चुनाव का सामना करने की चुनौती देकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने राजनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश की है।
फिलहाल विजयेंद्र के आरोपों ने राज्य की सियासत में नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। वाल्मीकि विकास निगम के कथित घोटाले से लेकर आरक्षण और रोजगार तक कई मुद्दों को सामने रखते हुए बीजेपी कांग्रेस सरकार को घेर रही है। अब इन आरोपों और विधानसभा भंग करने की चुनौती पर सत्तारूढ़ कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी।