कलबुर्गी। कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में दर्दनाक सड़क हादसे में एक महिला और उसके तीन महीने के मासूम बेटे की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा चित्तापुर तालुक के वाडी इलाके के पास नेशनल हाईवे-150 पर हुआ। यहां एक ऑटो और लॉरी के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो में सवार मां और उसके तीन महीने के बच्चे की जान चली गई।

मृतकों की पहचान वाडी शहर निवासी 30 वर्षीय शरणम्मा सिंघे और उनके तीन महीने के बेटे राघवेंद्र सिंघे के रूप में हुई है। हादसे में शरणम्मा की सास सबम्मा और ऑटो चालक खाजा पटेल गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

जानकारी के मुताबिक शरणम्मा अपने तीन महीने के बेटे राघवेंद्र और सास सबम्मा के साथ ऑटो में यात्रा कर रही थीं। ऑटो को खाजा पटेल चला रहा था। जब वाहन चित्तापुर तालुक के वाडी इलाके के पास नेशनल हाईवे-150 पर पहुंचा, तभी सामने से आ रही एक लॉरी से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि ऑटो चालक को संभलने का मौका नहीं मिल सका।

आमने-सामने की टक्कर के कारण ऑटो को भारी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग तत्काल मदद के लिए पहुंचे और ऑटो में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। दुर्घटना में शरणम्मा और उनके तीन महीने के बेटे को गंभीर चोटें आईं। दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी।

वहीं शरणम्मा की सास सबम्मा और ऑटो चालक खाजा पटेल भी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। हादसे में एक ही परिवार के मां-बेटे की मौत से परिजनों में मातम पसर गया है।

घटना की सूचना मिलते ही संबंधित पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दुर्घटनास्थल का जायजा लिया। हादसे के कारणों को लेकर जांच की जा रही है। ऑटो और लॉरी के बीच आमने-सामने की टक्कर किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।

नेशनल हाईवे-150 पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हाईवे पर भारी वाहनों के साथ बड़ी संख्या में छोटे यात्री वाहन भी चलते हैं। ऐसे में थोड़ी सी असावधानी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इस हादसे में ऑटो जैसे छोटे वाहन की लॉरी से सीधी टक्कर होने के कारण नुकसान काफी गंभीर रहा।

हादसे में तीन महीने के राघवेंद्र की मौत ने घटना को और भी हृदयविदारक बना दिया। मासूम अपनी मां के साथ ऑटो में सवार था। दुर्घटना में मां-बेटे दोनों की मौत हो जाने की खबर मिलते ही परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं परिवार की एक अन्य सदस्य सबम्मा के गंभीर रूप से घायल होने से परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।

घायल ऑटो चालक खाजा पटेल का भी अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टर दोनों घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस दुर्घटना के संबंध में ऑटो और लॉरी की स्थिति के साथ अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। हादसे के समय दोनों वाहनों की रफ्तार और टक्कर की वजह से जुड़ी जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक हादसे के बाद कुछ समय तक घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। लोगों ने घायलों को जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता दिलाने में मदद की। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के कारण सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ। बाद में स्थिति सामान्य कराने की कार्रवाई की गई।

सड़क हादसों में दोपहिया और ऑटो जैसे छोटे वाहनों में यात्रा करने वाले लोगों के लिए भारी वाहनों से होने वाली टक्कर अक्सर जानलेवा साबित होती है। नेशनल हाईवे पर वाहनों की रफ्तार अधिक होने के कारण चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। सुरक्षित दूरी, नियंत्रित गति और लेन संबंधी नियमों का पालन गंभीर दुर्घटनाओं के खतरे को कम कर सकता है।

फिलहाल पुलिस इस दर्दनाक हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। दुर्घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का पता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। दूसरी ओर, अस्पताल में भर्ती सबम्मा और ऑटो चालक खाजा पटेल का उपचार जारी है।

एक ही हादसे में 30 वर्षीय शरणम्मा सिंघे और उनके महज तीन महीने के बेटे राघवेंद्र की मौत से वाडी इलाके में शोक का माहौल है। परिवार के लिए यह दुर्घटना ऐसा गहरा सदमा लेकर आई है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। नेशनल हाईवे-150 पर हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क पर सावधानी और यातायात नियमों के पालन की अहमियत को सामने लाता है।

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