बेंगलुरु। कर्नाटक के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री यू टी खादर ने कहा है कि धतूरे के फल और बीज बेचने वाली ई-कॉमर्स वेबसाइटों के खिलाफ अभी तक केंद्र सरकार की ओर से लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने इस संबंध में 26 अगस्त को केंद्र को सिफारिश भेजी थी, लेकिन अब तक कोई अंतिम कदम नहीं उठाया गया है।
यू टी खादर ने केंद्र सरकार से स्विगी इंस्टामार्ट, अमेजन और बिगबास्केट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के फूड लाइसेंस तत्काल निलंबित करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में केंद्र को पत्र लिखकर राज्य में संचालित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर धतूरे जैसी खतरनाक वस्तुओं की बिक्री को लेकर सख्त कार्रवाई करने की अपील की थी।
मंत्री ने कहा कि कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने सभी जरूरी दस्तावेज और संबंधित जानकारी अधिकारियों को उपलब्ध करा दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से लाइसेंस निलंबन की सिफारिश पहले ही की जा चुकी है और अब केंद्र सरकार को इस मामले में जल्द निर्णय लेना चाहिए।
धतूरा एक जहरीला पौधा माना जाता है, जिसके फल और बीज का गलत इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसके सेवन से शरीर पर खतरनाक प्रभाव पड़ सकते हैं। इसी कारण सरकारें ऐसी वस्तुओं की बिक्री और वितरण पर निगरानी रखने की कोशिश करती हैं।
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर धतूरे के फल और बीज की उपलब्धता को गंभीर विषय माना है। विभाग का कहना है कि ऐसी वस्तुओं की ऑनलाइन बिक्री से इनके गलत इस्तेमाल की आशंका बढ़ सकती है। इसलिए संबंधित कंपनियों के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई की जरूरत है।
यू टी खादर ने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी ओर से प्रक्रिया पूरी कर ली है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया है कि वह मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द कदम उठाए। उनका कहना है कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसी वस्तुओं की बिक्री पर नियंत्रण जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने जिन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, उनमें स्विगी इंस्टामार्ट, अमेजन और बिगबास्केट शामिल हैं। उनका आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म पर धतूरे के फल और बीज उपलब्ध होने की जानकारी सामने आई थी। इसी आधार पर राज्य सरकार ने केंद्र को कार्रवाई की सिफारिश भेजी।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध उत्पादों की निगरानी जरूरी है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग इन सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। यदि किसी खतरनाक वस्तु की बिक्री बिना उचित जांच और नियंत्रण के होती है तो इसका असर आम लोगों की सुरक्षा पर पड़ सकता है।
ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए खाद्य और संबंधित उत्पादों की बिक्री को लेकर कई नियम बनाए गए हैं। लाइसेंस, उत्पाद की श्रेणी, सुरक्षा मानकों और अन्य नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। ऐसे मामलों में संबंधित नियामक संस्थाएं जांच के बाद कार्रवाई कर सकती हैं।
कर्नाटक सरकार का कहना है कि उसने मामले से जुड़े सभी दस्तावेज केंद्र सरकार के अधिकारियों को सौंप दिए हैं। अब केंद्र स्तर पर समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई की उम्मीद है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में लगातार नजर बनाए हुए है।
धतूरे के बीज और फल का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से कुछ जगहों पर अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता रहा है, लेकिन इसके जहरीले गुणों के कारण इसका सेवन जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार बिना जानकारी या चिकित्सकीय सलाह के ऐसी चीजों का इस्तेमाल खतरनाक साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की चिंता यही है कि ऑनलाइन माध्यम से ऐसी वस्तुएं आसानी से उपलब्ध होने पर लोग इनके खतरों को समझे बिना इन्हें खरीद सकते हैं। इसलिए सरकार बिक्री चैनलों पर नियंत्रण और निगरानी को जरूरी मान रही है।
मंत्री यू टी खादर ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसी कंपनी को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यदि कोई प्लेटफॉर्म नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
केंद्र सरकार से लाइसेंस निलंबन की मांग के बाद अब निगाह इस बात पर है कि संबंधित नियामक संस्थाएं इस मामले में क्या कदम उठाती हैं। यदि लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई होती है तो इसका असर इन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर धतूरे और अन्य संवेदनशील उत्पादों की बिक्री पर पड़ सकता है।
इस पूरे मामले ने ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर बिकने वाली वस्तुओं की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उत्पादों की उपलब्धता बढ़ने के साथ सुरक्षा मानकों और जांच व्यवस्था को भी मजबूत करने की जरूरत है।
फिलहाल कर्नाटक सरकार की सिफारिश केंद्र के पास लंबित है। स्वास्थ्य मंत्री यू टी खादर ने दोहराया है कि धतूरे के फल और बीज की बिक्री को लेकर सख्त कदम उठाने जरूरी हैं। अब केंद्र सरकार के निर्णय का इंतजार है।